दाँतो की सही देखभाल कैसे करना चाहिए? : Top 5 Good & Bad Habits for Teeth,

दाँतो की सही देखभाल कैसे करना चाहिए? : Top 5 Good & Bad Habits for Teeth,

मुँह की देखभाल जितनी इंपॉर्टेंट है उतना ही शायद लोग इसे नजरअंदाज कर जाते हैं, ऐसा माना जाता है कि मुँह ही हमारी हेल्थ का शीशा है, 

आपको याद होगा कि जब आप डॉक्टर के पास जाते हैं तो सबसे पहले वह आपकी जीभ निकालने के लिए कहते हैं ऐसा इसलिए क्योंकि हमारी जीभ नसों राही हमारे बॉडी के बाकी पार्ट के साथ कनेक्टेड है इसलिए अगर आप हमेशा हेल्दी रहना चाहते हैं तो यह बेहद जरूरी है कि आप अपने मुंह से अच्छे से देखभाल करें, 

हालांकि ज्यादातर लोग जाने अनजाने ऐसी चीजें करते हैं जो उनके दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं इस वजह से प्लॉक का जमना दांतों में सड़न, ब्लीडिंग गम, बदबू, कैविटी और सेंसटिविटी जैसी प्रॉब्लम्स आने लगती हैं, 

लेटेस्ट सर्वेस के हिसाब से लोग मुँह की देखभाल अच्छे से नहीं करते जिस वजह से यह प्रॉब्लम्स लगातार बढ़ती ही जा रही हैं लेकिन गुड़ न्यूज ये है कि ऑलमोस्ट 90% ओरल केयर प्रॉब्लम घर पर बैठे-बैठे ही सॉल्व की जा सकती है, 

इस पोस्ट में मैं आपसे शेयर करूंगा क्या एक्जेक्टली करें? और क्या ना करें? ताकि आपके मसूड़े रहे स्वस्थ और दाँत चमके मोतियों की तरह, 

तो आइए करते है शुरू -

मुँह अच्छी देखभाल से आपका कॉन्फिडेंस लेवल तो बढ़ता ही है ऊपर से ओवरऑल हेल्थ भी इम्प्रूव होती है इस पोस्ट में मैं आपसे बात करूंगा -

■ 5 नुकसान पहुंचाने वाली आदतें,

■ और 5 सबसे बढ़िया ओरल केयर हैबिट्स, 

★★ पहले स्टार्ट करते हैं बुरी आदतों से -

( 1 ) टॉक्सिक टूथपेस्ट का इस्तेमाल करना - 

आप कौन सा टूथपेस्ट इस्तेमाल करते हैं कोलगेट, पेप्सोडेंट, क्लोजप या दंत कांति? भारतीय मार्केट में 90% से ज्यादा टूथपेस्ट में बहुत विषैले केमिकल्स डाले जाते हैं एस्पेशली सोडियम लॉरिल सल्फेट, 

अगर आपको अक्सर ही मुंह के छाले होते हैं तो इसका कारण हो सकता है आपके टूथपेस्ट में SLS का होना,, 

क्या आप जानते हैं कि सोडियम लॉरिल सल्फेट बतौर इंसेक्टिसाइड रजिस्टर हो चुका है इसे तो साबुन में डालने के लिए मना किया जाता है टूथपेस्ट की तो क्या ही बात करें,

लेकिन ज्यादातर कंपनियां इसे यूज करती हैं क्यों? क्योंकि इससे अच्छी झाग बनती है और यह बहुत सस्ता पड़ता है, SLS टूथपेस्ट को रोज यूज़ करने से इसके डिपॉजिट्स बाकी बॉडी पार्ट पर पड़ने लगते हैं, 

फिर अगर आपके टूथपेस्ट में फ्लोराइड है तो सावधान हो जाएं, जरूर डेंटिस्ट फ्लोराइड रेकॉमेन्ट करते हैं लेकिन इतना जान ले कि सिर्फ 2.8 ग्राम फ्लोराइड 50 किलो के इंसान की जान ले सकता है, 

बच्चों का खास ध्यान रखें क्योकि उनकी तो आदत ही होती है टूथपेस्ट को खा जाने की, 100% नेचुरल और सेफ टूथपेस्ट को इस्तेमाल करें।  

( 2 ) खाने के बाद ब्रश करना -

बहुत से लोग ज्यादा हाइजीन मेंटेन करने के चक्कर में खाना खाने के तुरंत बाद ही ब्रश करने लगते हैं स्पेशली डिनर के बाद, उन्हें खुद भी यह पता नहीं होता कि वह ऐसा करने से अनजाने में अपने दांतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, 

दोस्तों जब हम कुछ खाते हैं तो हमारे मुंह का एसिड लेवल बढ़ जाता है इस वक्त आप का टूथ इनेमल बहुत कमजोर होता है और उसी वक्त ब्रश करना नुकसान करता है फिर चाहे आपका ब्रश सॉफ्ट ब्रिसल वाला ही क्यों ना हो, 

हाई एसिड लेवल सलाइवा फॉर्म होने की वजह से अपने आप 30 मिनट में न्यूट्रलाइज हो जाते हैं इसलिए नेक्स्ट टाइम खाना खाने के 30 मिनट बाद ही ब्रश करें। 

( 3 ) गलत ढंग से ब्रश करना - 

डेंटिस्ट कहते हैं कि दिन में दो बार ब्रश करें लेकिन क्या आप सही तरीके से ब्रश करते हैं? 

एक सर्वे के मुताबिक 89% लोग गलत ढंग से ब्रश करते हैं वैसे ब्रश करना कोई रॉकेट साइंस नहीं है लेकिन गलत ब्रशिंग करने से आपको नुकसान हो सकता है, 

पहली बात तो यह कि हमेशा सॉफ्ट ब्रिसल ब्रश का ही इस्तेमाल करें, हार्ड ब्रिसल ब्रश से आपके डेलिकेट गम( मसूड़े ) डैमेज हो सकते हैं, 

दूसरा सिर्फ मटर के दाने जितना ही टूथपेस्ट यूज़ करें इससे ज्यादा यूज करना मतलब टूथपेस्ट वेस्ट करने वाली बात है, ब्रशिंग हमेशा सर्कुलर ( घुमा-घुमा कर ) मोशन में ही करनी चाहिए, न ही ऊपर नीचे और न ही दांये बायें।

ब्रशिंग धीरे करनी चाहिए ये ध्यान देते हुए कि ब्रश आपके मुंह के हर हिस्से में पहुंचकर सफाई कर पा रहा है, जोर-जोर से ब्रश करने से प्रॉपर्ली सफाई तो नहीं होती बल्कि मसूड़े और छिल जाते हैं,, इसलिए डोंट रस इन न्यू ब्रश।

अक्सर लोग 30 सेकंड भी नहीं लगाते ब्रश करते हुए, हमेशा 2 मिनट तक ब्रश करना चाहिए फिर ध्यान रखें हर 3 महीने में आप अपना ब्रश बदल दें, यह छोटी-छोटी बातें हैं लेकिन इसी से ही आपकी ओरल हेल्थ नेक्स्ट लेवल पर जा सकती है और वह भी बिना किसी खास अफ़र्ड के।

( 4 ) जीभ साफ ना करना - 

जीभ को साफ करना उतना ही इंपॉर्टेंट है जितना दांतो को ब्रश करना, अगर आप जीभ साफ नहीं करते तो डेफिनेटली मुंह से बदबू, प्लॉक का जमना जैसी प्रॉब्लम्स के चांसेस बढ़ जाते हैं, 

जीभ साफ करने के लिए टंग क्लीनर का इस्तेमाल करें, आयुर्वेद के अनुसार टंग क्लीनर कॉपर, सिल्वर, गोल्ड, टिन, ब्रांस का ही होना चाहिए, 

कॉपर यानी तांबा बैक्टीरिया को रिमूव करने के लिए बहुत इफेक्टिव है इसलिए दोस्तों जीभ जरूर साफ करें लेकिन प्लास्टिक से नहीं बल्कि कॉपर टँग क्लीनर से,

( 5 ) टूथ पैकिंग करना - 

क्या आप की भी आदत है खाने के बाद टूथ पिकिंग करने की? अगर "हां" तो प्लीज ऐसा करना बंद कर दें, 

रेगुलरली टूथ पिकिंग करने से आपके दांतों के बीच में जगह बनने लगती है, टूथ पिकिंग करने से मसूड़े भी डैमेज हो सकते हैं जिससे ब्लीडिंग हो सकती है, कभी-कभी तो टूथ पिक आपके मुंह में ही टूट जाती है जिससे इंफेक्शन भी हो सकते हैं, 

दांत और मसूड़े बहुत ही सेंसिटिव बॉडी पार्ट्स है इसलिए नाखून चबाना, पेन पेन्सिल चबाना या अपने मुंह को बोतल ओपनर की तरह यूज करना डैमेजिन हो सकता है, 

सो दोस्तों यह थी 5 आदतें जो आपकी ओरल हेल्थ को नुकसान पहुंचाते हैं। 

★★ आइए बात करते हैं 5 सबसे अच्छी आदतों की -

( 1 ) खाने के बाद कुल्ला करना -

 अगर आप अपने दांतों और मसूड़ों को लंबे समय तक स्वस्थ रखना चाहते हैं तो यह आदत आपको जरूर अपनानी चाहिए जब भी आप कुछ खाएं या पियें,, रूल बना लें की मुँह को धोना है, 

मुंह धोने का मतलब यह नहीं कि बस 2 सेकेंड में कुल्ला कर लिया, कम से कम 10-15 सेकंड तो लगाएं ताकि खाने के छोटे से छोटे कण जो फँस जाते हैं वह भी बाहर निकल जाए, मै सजेस करूंगा कि आप इस आदत को हाथ धोने से लिंक कर दें, 

सबसे पहले मुंह में पानी भर लें और फिर हाथ पर साबुन लगाएं दोनों चीजों को साथ में चलने दें इससे टाइम भी सेव होगा और आप हैरान हो जाएंगे कि किस तरह से छोटे-छोटे खाने के कण बाहर आ जाते हैं जो वरना फंसे रहते और बदबू और कैविटीज बनाते,

( 2 ) ऑयल पुलिंग -

 

ऑयल पुलिंग ट्रेडिशनल भारतीय प्रैक्टिस है जो आयुर्वेद में गनडूश और कवल के नामों से बताई गई है, रोज सुबह ब्रश करने से पहले एक बड़ा चम्मच ऑयल अपने मुंह में भर लें, 

और 10 से 15 मिनट तक मुंह में ऑयल को घुमाते रहें, जब आप ऑयल पुलिंग करें तो आप साथ में बुक पढ़ सकते हैं, खाना बना सकते हैं, अपना बैग पैक कर सकते हैं या जो भी आपका मन करें फिर उस ऑयल को फेंक दें,

तेल ना सिर्फ आपके मुंह बल्कि डाइजेस्टिव ट्रैक से भी टॉक्सिंस को खींच लेगा, ऐसा इसलिए क्योंकि एक ऑस्मोटिक प्रेशर क्रिएट होता है जिससे तेल अपने साथ गंदगी को चिपका लेता है और जब आप तेल को थूक देते हैं टोक्सिन भी निकल जाते हैं,ऑयल पुलिंग लगभग सभी ओरल हेल्थ प्रॉब्लम के लिए एक बेहतरीन प्रेक्टिस है,

ऑयल पुलिंग करने से नेचुरली ही आपके दांत सफेद, ताजी सांसे, लिप्स और गम्स पिंक होने लगते हैं इसलिए आपको उन महंगे टीथ वाइटिंग प्रोडक्ट्स पर खर्चा करने की जरूरत नहीं है, 

कौन सा तेल इस्तेमाल करें? वैसे तो आप कोई भी कॉल प्रेस्ड ऑयल यूज कर सकते हैं लेकिन थोड़ा और डिपली बात करें तो अगर आपको डाइजेशन प्रॉब्लम है जैसे गैस, ब्लोटिंग तो तिल का तेल इस्तेमाल करें, 

मसूड़ों में से खून आता है तो नारियल का तेल इस्तेमाल करें, अगर आपकी जीभ म्यूकस की वजह से सफेद रहती है तो सरसों का तेल बेस्ट है और अगर आप टूथ कैविटी से परेशान हैं तो तिल के तेल में दो से तीन ड्रॉप लॉन्ग का तेल मिक्स करके ऑयल पुलिंग करें, 

( 3 ) दंत मंजन करना -

 ब्रश करना अच्छा है लेकिन अगर आप अपने ओरल केयर रूटीन को नेक्स्ट लेवल पर लेकर जाना चाहते हैं तो दंत मंजन का इस्तेमाल करना शुरू कर दें,, क्यों? इसके लाजवाब फायदों की वजह से,, 

पहली बात तो यह कि दंत मंजन बनता है 100% हर्ब से, दूसरा दंत मंजन को उंगली पर लेकर मसूड़ों की मसाज की जाती है इस मसाज की वजह से ही यह टेक्निक इतनी एडवांस है, 

आप यह बात जानकर शायद हैरान हो जाएंगे कि हमारे गम्स नसों के राहीं हमारी आँतो से कनेक्टेड होते हैं और जब हम गम्स को मसाज करते हैं तो हमारी इंटेस्टाइन भी एक्टिवेट हो जाती हैं जिससे वह खाना पचाने के लिए बेहतर एंजाइम बनाती हैं, 

अटलिस्ट आप रात को ब्रश की जगह दंत मंजन का इस्तेमाल कर सकते हैं तो आप पाएंगे कि डाइजेशन इम्प्रूफ़ हो गई है और आपकी ओरल हेल्थ भी बेटर हो गयी है, दंत मंजन सस्ता भी पड़ता है और इसके कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है।

( 4 ) दांतो की एक्सरसाइज - 

जिस तरह से आप अपनी बॉडी पार्ट्स की एक्सरसाइज कर उन्हें स्ट्रांग बनाते हैं उसी तरह से ही आपको अपने दांतो की भी एक्सरसाइज करनी चाहिए बहुत आसान है कोई डंबल नहीं उठाने,, 

बस खाने को अच्छे से चबाना है जो हम में से ज्यादातर लोग शायद नहीं करते, खाने को अच्छे से चबाने से दांत और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि आप खाने की रेल ही बना दें,

मिठाईयां, चिप्स, बर्गर, चाऊमीन ऐसी मिठाइयां और जंक फूड खाने से मुंह में ज्यादा बैक्टीरियल ग्रोथ होती है जिससे प्रॉब्लम्स आती हैं, गन्ना चूसने से दांत बहुत स्ट्रॉन्ग होते हैं, 

जनरली होल फूड्स खाएं विटामिन C रिच फूड्स, कैलशियम रिच फूड्स और प्रोबायोटिक रिच फूड्स बेस्ट है ओरल हेल्थ के लिए लेकिन अच्छे से चबाना ना भूलें, 

( 5 ) दातुन -

दातुन करना शायद सबसे अच्छी आदत है, नीम और बबूल दांतुन नेचुरली एंटीमाइक्रोबीयल होती है जो बैक्टीरिया को बैलेंस रखतीं है, 

मुंह की बदबू, स्वलन गम्स, प्लॉक को दूर करती है, आजकल कंपनियां सिर्फ इनके नाम पर ही अपने टूथपेस्ट बेच रहे हैं, 

"हां" यह बात सच है कि आज के मॉडर्न लाइफस्टाइल में दातून करना प्रैक्टिकल नहीं है लेकिन ट्राई करें अगर हफ्ते में एक बार एटलिस्ट दातुन कर सकें, नीम का पेड़ तो बड़ी आसानी से आपको घर के पास ही मिल जाएगा नहीं तो ऑनलाइन दातुन खरीद लें, 

सो दोस्तों इन बुरी आदतों को छोड़े और इन बेस्ट ओरल केयर हैबिट्स को अपनाने से मेरी गारंटी कि आपकी ज्यादातर ओरल हेल्थ प्रॉब्लम गायब ही हो जायेंगी और आप मुस्कुराएंगे पहले से भी ज्यादा कांफीडेंटली। 



image credit - Tiffany Washko from Marion, USA,, Poppy Thomas-Hill,, Heidi De Vries

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