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माइग्रेन क्या है? कैसे होता है? इसके इलाज के लिए क्या कर सकते है? What is migraine? How does it happen? What can you do to treat it?


माइग्रेन क्या है -

पहले आप यह जाने कि जितने भी सर दर्द के टाइप है उनमें से 95% सर दर्द सेफ होते हैं और बाकी के 5% में ही सीरियस प्रॉब्लम हो सकती है,

हमारे दिमाग में कोई पेन रिसेप्टर्स( दर्द पहचानने वाली तंत्रिका ) नहीं होते अतः दर्द और दिमाग का कोई लेना देना ही नहीं है, अगर सर में दर्द हो रहा है तो यह दिमाग के अंदरूनी प्रेशर की वजह से हो रहा है जो दिमाग की नसों में प्रॉब्लम क्रिएट कर रही है,

अगर आप किसी भी प्रकार का टेस्ट कराते हैं तो टेस्ट सभी नॉर्मल आते हैं क्योंकि अगर आपके ब्रेन में ना तो कोई स्ट्रोक हुआ है, ना ही कोई ट्यूमर है और ना ही कोई और चीज है तो ऐसे में टेस्ट नार्मल आना ही है अगर इनमें से कोई समस्या होती तो टेस्ट नार्मल नहीं आती, ऐसी स्थिति में आप को यह समझना चाहिए कि यह माइग्रेन हो सकता है,

माइग्रेन में कुछ नहीं बस हमारा दिमाग ओवर सेंसिटिव हो जाता है और इसी सेंसटिविटी के कारण हमारे दिमाग के अंदर इलेक्ट्रिकल इंबैलेंस उत्पन्न होता है जिसके कारण हमारे ब्रेन में कुछ समय के लिए कुछ टेम्परेरी बदलाव आते हैं जिसके कारण ही सर दर्द होता है,

लेकिन हर सर का दर्द माइग्रेन नहीं होता, सर के दर्द के और भी कारण हो सकते हैं जो कि हमारे सिरदर्द के प्रकार वाले पोस्ट में आप पढ़ सकते हैं,

चिकित्सा जगत में माइग्रेन के लिए कुछ क्राइटेरिया बनाया गया है एक अटैक को हम माइग्रेन नहीं कह सकते, माइग्रेन होने के लिए कम से कम 5 अटैक होने चाहिए तभी हम इसे माइग्रेन कर सकते हैं और इस में होने वाला दर्द 4 से लेकर 72 घंटे तक हो सकता है इसके साथ उल्टी आना जैसी स्थिति भी हो सकती है,


कैसे होता है?

कुछ ऐसे ट्रिगर या कारण होते हैं जो कि ब्रेन के इलेक्ट्रिकल सिग्नल को स्टिमुलेट करते है यानी उत्तेजित करते हैं, यह ट्रिगर कुछ भी हो सकते हैं जैसे कि - कोई खाने की चीज, कोई पीने की चीज, या कोई साइक्लोजिकल प्रेशर, रिलेशनशिप स्ट्रेस, काम का वर्क लोड, समय से नहीं सोना, बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करना या एक्सरसाइज नहीं करना, तेज आवाज सुनना तथा तेज रोशनी, ऐसे ही बहुत से ट्रिगर है जो अलग-अलग लोगों में अलग-अलग होते हैं,

किसी भी कारण में ब्रेन में जब इलेक्ट्रिकल इंपल्सेस को कोई ट्रिगर स्टिमुलेट करती है तो माइग्रेन की शुरुआत हो जाती है,


जब माइग्रेन का दर्द शुरू होता है तो वह एकदम से शुरू नहीं होता यह कुछ स्टेजस में शुरू होता है -

Stage no.1 - Problam 

इसमें सबसे पहले इलेक्ट्रिकल इम्बैलेंस शुरू होगा और ब्रेन के किसी भी छोटे हिस्से से होता हुआ आगे बढ़ने लगेगा, इससे आपको थकान, उबासी या सोचने की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है,

Stage no.2 - Aura

औरा 6 से 1 इंसान को होता है इसे हम क्लासिकल माइग्रेन भी कहते हैं यह टेंपरेरी होता है और खतरनाक नहीं होता पर लगता बहुत खतरनाक है, इसमें आंखों के सामने अंधेरा सा छा जाता है, कमजोरी महसूस होने लगती है मतिभ्रम जैसी स्थिति तक उत्पन्न होना शुरू हो जाता है,

Stage no.3 - Headache

इसका मतलब अब हमारे दिमाग में इलेक्ट्रिकल इंबैलेंस या बदलाव पूरे दिमाग में फैल चुका है जिसके कारण सर दर्द शुरू हो जाता है और यह जैसे-जैसे और आगे फैलता जाएगा दर्द वैसे वैसे और बढ़ता जाता है अगर इसे रोका नहीं गया तो या 4 घंटे से लेकर 72 घंटे तक भी रह सकता है या इससे भी आगे जा सकता है ऐसी स्थिति को हम status maigronesas कहते हैं इसे रोकना बहुत जरूरी है,


कैसे रोक सकते हैं?

■ रेस्ट करें हो सके तो सोने की कोशिश करें,

■ अगर इसके बाद भी जा नहीं रुक रहा हो तो दवाई लेनी चाहिए इसके लिए आप सिंपल ब्रूफेन, पेरासिटामोल, नेप्रोसिन, कॉन्बिफ्लेम ले सकते हैं,

अगर दवाइयां लेने के बावजूद भी यह दर्द कम नहीं हो रही है तो डॉक्टर आपको ट्रिपट्रांस नामक दवा देते हैं यह नसों के दर्द के लिए होता है लेकिन इसे रोज-रोज लेना अच्छी बात नहीं,

अगर आप इस दवा को महीने में 10 दिन से ज्यादा लेते हैं तो यह सर दर्द को और भी ज्यादा बढ़ा सकता है अतः इस दवा का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह आपको जरूर लेनी चाहिए,

इसके बाद आपको भविष्य में माइग्रेन की अटैक ना हो इसके लिए आपको सावधानी बरतनी आवश्यक है इसके लिए आपको अपने ट्रिगर्स को पहचानना होगा तथा उसी के अनुसार ही काम करना होगा,

आप कुछ उपायों के साथ अपने ब्रेन की सेंसिटिविटी को बढ़ा सकते हैं इसके लिए आपको -

■ सही समय पर खाना खाना, 

■ ब्रेकफास्ट जरूर करना, 

■ सही मात्रा में पानी पीना ( कम से कम 3 से 4 लीटर हो रोजाना ) ,

■ और सबसे इंपोर्टेंट अच्छी नींद लेना ( 7 से 9 घंटे की नींद हमारे ब्रेन के लिए बहुत जरूरी है ) ,

■ इसके साथ ही रेगुलर एक्सरसाइज, योगा, मेडिटेशन ( या कोई भी रिलैक्सेशन वाली मेडिटेशन ) इनमें सबसे बेस्ट ब्रीदिंग एक्सरसाइज माना जाता है,

तो दोस्तों ऐसे ही जीवन में आप कुछ बदलाव करके माइग्रेन के दर्द से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं,

यह था माइग्रेन के ऊपर आज का हमारा यह पोस्ट उम्मीद है कि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी अगर पसंद आई होगी तो इसे अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ शेयर करना बिल्कुल भी ना भूलें "धन्यवाद"



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