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सिर दर्द कितने प्रकार की होती है? सिर में दर्द होने पर कौन-कौन सी दवाईयां लेनी चाहिए? What are the types of headaches? Which medicines should be taken if you have a headache?


आज हम बात करेंगे सर दर्द के प्रकारों के बारे में और सर दर्द होने की स्थिति में कौन सी दवाइयां लेनी चाहिए तथा क्या करना चाहिए उसके बारे में?

( 1 ) टेंशन से होने वाले सर दर्द -  यह समान्यतः स्ट्रेस, मसल्स स्ट्रेन, एंजाइटी के कारण होता है,

( 2 ) कलस्टर हेडेक ( सर दर्द ) - निश्चित समय के अंतराल के साथ होता है जैसे - सुबह, शाम, दिन को या रात को यह किसी भी समय हो सकता है, यह आधे सर या सर  के किसी खास जगह पर हो सकता है,

( 3 ) साइनस हेडेक - इसमें दर्द के साथ बुखार हो होता है या नाक बंद, खांसी, कफ़ और फेस में प्रेशर सा फील होता है, बेसिकली चेहरे के अंदर हवा भरी खाना होते हैं इसका काम मुख्यतः सर को हल्का बनाए रखना है इसके अंदर में म्यूकस का फ्लो भी होता रहता है, 

जब किसी कारण यह म्यूकस का फ्लो बंद हो जाता है या ब्लॉक हो जाए या गाढ़ा हो जाए तो उस स्थान पर म्यूकस भरने लगता है और वहां को इनफेक्ट करना शुरू कर देता है ऐसे में आपको साइनोसाइटिस हो सकता है जिससे सर में दर्द और तो और इस साइनोसाइटिस की वजह से दिमाग में इंफेक्शन घुस सकता है,

( 4 ) च्यारी हेडेक - यह सामान्यतः बाल अवस्था में होता है इससे च्यारी नाम का मालफॉर्मेशन होता है जो छोटे बच्चों में जन्म से ही हो जाता है, इस स्थिति में सिर की हड्डी ब्रेन के कुछ पार्ट में प्रेशर पैदा करता है जिससे बच्चों के सर में दर्द शुरू हो जाता है,

( 5 ) थंडरक्लैप हेडेक - इस प्रकार के हैडक में सर में अचानक से दर्द होना शुरू हो जाता है और बहुत तेज दर्द होगा पर यह 1 मिनट से कम के लिए ही होता है, यह बहुत सीरियस मेडिकल प्रॉब्लम है इसमें मरीज को तुरंत मेडिकल सहायता की आवश्यकता पड़ती है, ऐसी प्रॉब्लम किसी चोट या स्ट्रोक लगने के कारण हो सकता है,

( 6 ) माइग्रेन - माइग्रेन आज की युग की सबसे कॉमन सर दर्द की समस्याओं में से एक है ऐसा ब्रेन के ओवर सैनसिटी होने के कारण होता है इसका मतलब ऐसे लोग ज्यादा आवाज सुन नहीं सकते, ज्यादा तेज रोशनी देख नहीं सकते या कोई तेज गंध सूंघने पर,,, और यही सब कारण माइग्रेन को ट्रिगर करते हैं, 

माइग्रेन के पेशेंट को दर्द होने से पहले ही माइग्रेन अटैक का आभास हो जाता है, इसमें आंखों के पीछे सर के पीछे टिश-टिश टाइप का दर्द होता है, इसमें उल्टी भी हो सकती है और यह 2 से 3 दिन तक रह सकता है,


दर्द शुरू हो तो क्या कर सकते हैं? 


■ शांत अंधेरे कमरे में आराम करें,

■ लंबी लंबी सांसे लें और छोड़ें, 

■ ठंडा पानी पिये,

■ सोने की कोशिश करें, 

■ कुछ अच्छा खा लें जो आपको पसंद हो और रिलैक्स करें,


फिर भी तकलीफ कम नहीं हो रही हो तो -


■ एसीटासेनोफीन, पेरासिटामोल या कॉन्बिफ्लेम या ब्रूफेन टेबलेट ले सकते हैं,

एस्प्रिन भी ले सकते हैं पर एस्प्रिन से ब्लड पतला होता है,

इसके साथ चाहे तो आप मसाज और मेडिटेशन की सहायता ले सकते हैं यह आपको माइग्रेन अटैक से बचाव करेंगे,

और आगे माइग्रेन की प्रॉब्लम ना हो उसके लिए सबसे पहले आपको अपने माइग्रेन ट्रिगर को ढूंढना होगा और उसी के अनुसार उसे बंद करने के उपाय, कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि आपको अपने ब्रेन को ट्रिगर होने से बचाना है,

और हां दोस्तों आपको यह छोटी सी जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताएं,, आज के लिए इतना ही "धन्यवाद"


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