हमारा स्नायु तंत्र कैसे काम करता है ? How does our nervous system work?

 हमारा स्नायु तंत्र कैसे काम करता है ? 

हमारा स्नायु तंत्र कैसे काम करता है ? How does our nervous system work?
nervous system?


शरीर के एक भाग से दूसरे भाग तक संकेतों और संदेशों को पहुंचाने वाली प्रणाली को स्नायु तंत्र कहते हैं । 
सभी जीव - जंतुओं के शरीर में इस काम को सम्पन्न करने के लिये विशेष कोशिकायें होती हैं । इन कोशिकाओं को ' तंत्रिका कोशिका ' अथवा ' स्नायु कोशिका ' कहते हैं । 

संदेश विद्युतीय संकेतों अथवा स्नायु संवेगों के रूप में होते हैं । ये कोशिकाओं के माध्यम से एक कोशिका से दूसरी कोशिका तक पहुंचते हैं । 

जीव - जंतुओं के शरीर में लाखों लाख स्नायु कोशिकायें एक दूसरे से मिलकर स्नायु तंत्र का निर्माण करती हैं । मानव मस्तिष्क तो लगभग 10 अरब स्नायु कोशिकाओं से मिलकर बना है । 

मानवीय स्नायु तंत्र दो मुख्य भागों में विभक्त होता है , जिन्हें मस्तिष्क व मेरुदण्ड नियंत्रित करते हैं । मस्तिष्क की सुरक्षा खोपड़ी की कड़ी हड्डी से होती है । मेरुदण्ड की सुरक्षा रीढ़ के स्तम्भ की हड्डियों से होती है । 

मस्तिष्क व मेरुदण्ड से स्नायुओं का पूरे शरीर में जाल बिछा होता है । इन स्नायुओं को ' सीमावर्ती स्नायु तंत्र ' के रूप में परिभाषित किया जाता है । मस्तिष्क और मेरुदण्ड को ' केन्द्रीय स्नायु तंत्र ' कहते हैं । 

हमारा स्नायु तंत्र कैसे काम करता है ? How does our nervous system work?
Type of nervous system, by - OpenStax

तंत्रिका कोशिकायें दो किस्म की होती हैं । शरीर के दूरस्थ भागों से मस्तिष्क की तरफ संदेश ले जाने का काम संवेदी तंत्रिका कोशिकायें करती हैं । इनका सम्बंध तापक्रम , पीड़ा , दबाव तथा अनभूति अंगों के संदेशों से होता है । 

मांसपेशियों तक सिकुड़ने का संदेश ले जाने वाली तथा ग्रंथियों तक उत्सर्जन करने का संदेश ले जाने वाली तंत्रिका कोशिकाओं को मोटर स्नायु कहते हैं । केन्द्रीय तथा सीमावर्ती स्नायु तंत्र के स्नायु संवेदी तथा मोटर तंत्रिका कोशिकाओं का मिश्रण होते हैं और ये साथ - साथ चलते हैं । 

स्नायु तंत्र को तंत्रिका कोशिकाओं के काम करने की प्रकृति के आधार पर भी बांटा जा सकता है । ' स्वयंसेवी स्नायु तंत्र ' में स्नायु केवल सचेतन संवेदनों से सम्बंधित होते हैं । वे मस्तिष्क द्वारा किये गये उन आदेशों का पालन करते हैं जो इच्छा द्वारा निर्देशित होते हैं । 

जब हम चलना , लिखना अथवा बोलना चाहते हैं तो स्वयंसेवी तंत्र की तंत्रिका कोशिकाओं का इस्तेमाल करते हैं । स्वचालित तंत्र की तंत्रिका कोशिकायें आम गतिविधियों को संचालित करने में मदद करते हैं । 

ये वे गतिविधियां हैं जिनके विषय में हम सामान्यतः सोचते तक नहीं । स्वचालित तंत्र दिल धड़कने की गति , पाचन , रक्तचाप तथा अन्य अचेतन गतिविधियों को नियमित करता है । 

हमारा स्नायु तंत्र कैसे काम करता है ? How does our nervous system work?
By - poul walker

स्वचालित स्नायु तंत्र के दो मुख्य भाग होते हैं जिन्हें सहानुभूतिपरक तथा परासहानुभूतिपरक कहते हैं । इनकी गतिविधियां एक दूसरे को संतुलित करती हैं । 

सहानुभूतिपरक तंत्र में स्नायु संवेग हृदय गति तथा रक्तचाप बढ़ाते हैं । इसके विपरीत परासहानुभूतिपरक तंत्र के स्नायु संवेग उल्टा असर डालते हैं । विभिन्न परिस्थितियों में अचेतन गतिविधियों का नियंत्रण इन्हीं दोनों द्वारा होता है । 

प्रशिक्षण द्वारा इच्छा शक्ति के माध्यम से स्वचालित तंत्र की कुछ गतिविधियों को नियंत्रित किया जा सकता है । लेकिन यह योग्यता हम में जन्मजात नहीं होती ।



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