दंतमूलशोध / मसूड़ों की सूजन [ जिन्जिवाइटिस Gingivitis ] की समस्या क्या है ? इसके पर्याय नाम , परिचय , चिकित्सा , ? What is the problem of Dementia / Gingivitis [ Gingivitis]? Name its name, introduction, therapy,?

दंतमूलशोध / मसूड़ों की सूजन [ जिन्जिवाइटिस Gingivitis ] 

दंतमूलशोध / मसूड़ों की सूजन [ जिन्जिवाइटिस Gingivitis ] की समस्या क्या है ? इसके पर्याय नाम , परिचय , चिकित्सा , ? What is the problem of Dementia / Gingivitis [ Gingivitis]? Name its name, introduction, therapy,?
Gingivitis


पर्याय नाम

दन्तमांस शोथ , मसूड़ों की सूजन । अलसरेटिव जिन्जीवाइटिस । 


परिचय

इस रोग में मसूड़ों पर सूजन उत्पन्न हो जाती है । कभी - कभी पीप भी पड़ जाती है और रोगी को दाँतों में तीव्र पीड़ा होती है । यह पायरिया रोग की प्रथम अवस्था है । 

• कभी - कभी दंतशूल के साथ - साथ मसूड़ों में भी सूजन हो जाती है जिसका कारण दाँत के अंदर पीप एकत्र होकर मसूड़ों तक को इन्फेक्शन हो जाता है । इस अवस्था में तीव्र स्वरूप का शूल होता है । साथ ही चेहरे पर भी सूजन और लालिमा दिखायी देती है । 


•• दंतमूलशोथ की औषधि चिकित्सा ••



गम्भीर एवं दर्दयुक्त होने पर

• स्थानीय उपाय ( Local Measures ) - 
• एण्टीबैक्टीरियल थेरापी । 

तीव्रावस्था में ( In acute Phase ) -

• ब्रुश करना बंद ( Avoid Brushing ) । अथवा । 

• मसूड़ों का वाह्य आघात बंद । । 

• 3 % हाइड्रोजन पर - ऑक्साइड सोल्यूशन को बराबर गर्म जल में डायलूट कर दिन में कई । बार मुख को साफ करें अथवा ' डिटोलिन से कुल्ले करायें । 

• टारटार ( दाँत पर जमा एक मैल ) एवं निक्रोटिक पदार्थ को दूर करें ।


दंतमूल शोथ में गम्भीर स्वरूप की पीड़ा होने पर

• पेनिसिलीन वी ( Penicillin V ) 250 मि . ग्रा . - दिन में 4 बार दें ,

• प्रोकेन पेनिसिलीन 600 ,000 यूनिट्स x दिन में 2 बार अथवा टेट्रासाइक्लीन 500 मि . ग्राम का 1 - 1 कै . -  दिन में 2 बार ।  ठीक होने तक । → 

• मेट्रोनिडाजोल ( Metronidazole ) 250 मि . ग्रा . - दिन में 3 बार - 3 से 7 दिन तक । 

• एण्टी इन्फ्लामेटरी ड्रग्स दें ।

नोट - ० एण्टी - इन्फ्लामेटरी ड्रग्स में — ब्रूफेन का प्रयोग प्रशस्त है । | 

याद रखिये - शेष चिकित्सा पायरिया के समान । माउथवाशिश का उपयोग भी पायरिया के समान है । 


दर्दयुक्त मसूड़ों के लिये - ग्लिसरीन 100 ग्राम , टिंचर बेन्जोइन 20 मि . ली . , टिं , एकोनाइट 20 मि . ली . , टि . मिरह ( Tr . Mirrh ) 20 मि . ली . , कत्थे का टिंचर 20 मि . ली . , लौंग का तेल 6 - 7 मि . ली . , कपूर 10 ग्राम , कार्बोलिक एसिड 6 - 7 ग्राम , मैन्थॉल 5 ग्राम ।

• इन सबको एक बोतल में डालकर और कसकर डॉट लगाकर धूप में रख दें । ( मैन्थाल , कपूर , एवं कार्बोलिक एसिड को ) 

• पिघल जाने पर एक - एक कर सभी द्रव्य बोतल में डालकर अच्छी तरह हिला दीजिये । डॉट कसकर बंद रखें ।


सूजन को हटाने वाला विशिष्ट दंत मंजन -

खड़िया या सेलखड़ी - 1 किलो ग्राम 

फिटकरी ( Alum )  -  250 ग्राम 

थाइमोल ( Thymol ) - 50 ग्राम 

टेनिक एसिड ( Tannic Acid ) - 125 ग्राम 

•• फिटकरी को पीसने के बाद सभी द्रव्य एक जगह मिलाकर खरल में बारीक पीसकर छान लें । अन्त में थाइमोल मिला दें ।

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