कृमिदन्त / दंतकृमि डेन्टल केरीज - Dental Caries ] की समस्या के परिचय , कारण , लक्षण , चिकित्सा ? Intramuscular Dentistry - Dental Caries Introduction to the Problem, Causes, Symptoms, Treatment?

कृमिदन्त / दंतकृमि डेन्टल केरीज - Dental Caries ] 

Intramuscular Dentistry - Dental Caries Introduction to the Problem, Causes, Symptoms, Treatment?
Dental Caries


परिचय

दाँतों को साफ न रखने से कीटाणु दाँत के तने में घुस जाते हैं । अन्त में यह दन्तमज्जा तक प्रसारित हो जाते हैं । जहाँ से ये दन्तमज्जा के गढ़ में पहुँचकर सड़न की जलन पैदाकर बहुत दर्द होकर कृमिदन्त रोग पैदा करते हैं । 


कारण 



• लापरवाही एवं अस्वच्छता ।

• जो न तो प्रातः मंजन या पेस्ट आदि से दाँत साफ करते हैं और न ही भोजन के बाद अच्छी तरह कुल्ला ही । 

• गंदा पानी और सड़ा - गला दूषित भोजन । । 


लक्षण



• दाँत और दाढ़ गल जाते हैं । अन्त में टुकड़े - टुकड़े होकर निकल जाते हैं । । अथवा उनको निकलवाना पड़ता है । 

• समय - समय पर तीव्र शूल के दौरें । । → 

• पीड़ा के समय बेचैनी । । 

• इसमें दाँत के भीतर खोल सा बन जाता है अथवा दाँत गल - गलकर गिरता जाता है ,

• खोल में वस्तु के जाने से असह्य पीड़ा ।


नोट – दाँत भली प्रकार साफ न करने से , दाँतों एवं मसूड़ों में कीड़ा लग जाने से मुख दुर्गन्धित हो जाने से , दाँतों में पायरिया के कीड़े पड़कर दाँतों में दर्द होने लगता है । दर्द से व्यक्ति बेचैन होकर छटपटाता है ।

चिकित्सा -

• खट्टी , मीठी , अधिक शीतल और गर्म चीजें न दें । । 

• गरम चीज खाने के बाद तुरन्त शीतल वस्तु न दें । 

• पोटाश परमैंगनेट के गरम घोल से कुल्ला । । 

• दाँत के छेद में अमृतधारा / आयल क्लोज / क्रियोजोट / कार्बोलिक एसिड की फरेरी रख दें । 

• दर्द दूर करने के लिये सेरीडोन अथवा ब्रुफेन की 1 - 1 टि , दें । । 

• खोखली जगह में मसाला भराया जा सकता है । । 

• यदि दाँत खूब हिलता हो और लगातार दर्द रहता हो तो उस दाँत को अवश्य निकलवा दें ।


विशिष्ट चिकित्सा -

• ऑप्टालिडॉन 1 टि . + वैक्ट्रिम 1 टि . / ऐसी 1 मात्रा दिन में 3 - 4 बार गर्म जल से दें । । अथवा आप्टालिडॉन 1 टि . + डुरासाइक्लीन 2 कै . प्रथम दिन और उसके बाद 1 कै . प्रति दिन दें । 

• तीव्र दाँत दर्द में स्प्रिट क्लोरोफार्म रुई की फुरेरी से लगावें ।

नोट -  • एल्वाइट फोर्ट ( Alvite forte ) का 1 - 2 कै . हर खाने के बाद दें ।  • सोलूपेन ( Solupen - सिपला ) 1 - 3 चम्मच रोजाना दें । → 

• ब्रासील 500 मि . ग्रा . का एक वायल में डिस्टल्ड वाटर मिलाकर माँस में नित्य लगावें । । 

• कॉरबुटिल 1 टि . + वैक्ट्रिम 1 टि . - ऐसी 1 मात्रा गर्म जल से दिन में 3 - 4 बार दें ।

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