Wednesday, May 22, 2019

ग्रीवा का स्पॉण्डिलोसिस [ Cervical Spondylosis ] रोग के पर्याय नाम , परिचय , लक्षण , रोग की पहिचान , रोग का परिणाम , औषधि चिकित्सा ? Cervical Spondylosis] Alternative name of the disease, identity, symptoms, disease identification, disease outcome, drug therapy?

ग्रीवा का स्पॉण्डिलोसिस [ Cervical Spondylosis

ग्रीवा का स्पॉण्डिलोसिस [ Cervical Spondylosis ] रोग के पर्याय नाम , परिचय , लक्षण , रोग की पहिचान , रोग का परिणाम , औषधि चिकित्सा ? Cervical Spondylosis] Alternative name of the disease, identity, symptoms, disease identification, disease outcome, drug therapy?
 Cervical Spondylosis 

पर्याय नाम

सर्वाइकल स्पाँडिलोसिस , सर्वाइकल ऑस्टियो - आधाइटिस । । 


परिचय



यह ग्रीवा की कशेरुकाओं ( Cervical Vertebrae ) और उनके बीच के चक्र ( Disc ) के व्यंजन का रोग है । अर्थात् यह ग्रीवा के कशे रुकों का अस्थि - सन्धि शोथ ( Osteoarthritis ) है । यह 50 वर्ष से अधिक अवस्था के व्यक्तियों को होता है । इसमें अधिकतर 5वीं और 6वीं डिस्क प्रभावित होती हैं ।


लक्षण -

• प्रारम्भ में सिर घुमाने पर गर्दन में करकराहट की ध्वनि । । 

• गर्दन में पीड़ा और अकड़न । । । 

• गर्दन पूरी तरह घूमती नहीं । । 

• पीड़ा की ओर गर्दन झुकाने से पीड़ा में वृद्धि । पीड़ा के स्थान पर दबाने से । पीड़ा में वृद्धि । → 

• गले , सिर के पीछे तथा भुजाओं में जलन के समान पीड़ा । 

• चलने - फिरने , पीड़ा की ओर गर्दन मोड़ने , घुमाने , खाँसने और छींकने से लक्षणों में वृद्धि । । 

• पेशियों में थोड़ी दुर्बलता एवं कदाचित अंगघात ।

• अन्त में पैरों में भी दुर्बलता एवं संवेदनाओं के लक्षण । 

• गर्दन की गति बहुत कम हो जाती है । थोड़ा भी हिलाने - डुलाने से पीड़ा । बढ़ती है एवं गर्दन एक और टेढी रहती है । । 

• छठवीं तंत्रिका पर दबाव पड़ने पर पीड़ा गले से प्रारम्भ होकर कन्धे से होती हुई भुजा के बाहरी ओर तथा अंगूठे और तर्जनी तक जाती है । साथ ही सुत्रता होती है ।



रोग की पहिचान -

ग्रीवा के ऐक्स - रे लेने से रोग निदान में सहायता । इनमें डिस्क के स्थान में कमी , ऑस्टियोफाइटों का बनना एवं पृष्ठवंश के घुमाव में विकृति दिखायी देती है ।

रोग का परिणाम -

कुछ समय बाद रोग स्वयं शान्त हो सकता है । परन्तु बार - बार होने की प्रवृत्ति होती है ।

•• कभी - कभी छः माह तक लक्षण शान्त रहते हैं । परन्तु सामान्य झटके या चोट से पुनः प्रकट हो जाते हैं । आधे रोगियों में अंगघात स्थायी हो जाता है । चिकित्सा करने से आधे से अधिक में लाभ की आशा ।


औषधि चिकित्सा -

• कुछ दिनों तक बिस्तर पर विश्राम । । । 

• बीच - बीच में हाथ से सिर को खींचना । । 

• कुछ रोगियों में शार्ट वेव डायाथर्मी से लाभ । → 

• जिनको विश्राम से लाभ नहीं होता उनके गले में प्लास्टर या प्लास्टिक का कॉलर लगाना पड़ता है । । ।

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