बालतोड़ - बॉइल [ Boil ] रोग के परिचय , कारण , लक्षण , चिकित्सा - व्यवस्था ? Boil [Introduction] Disease, Causes, Symptoms, Medicine - Arrangement?

बालतोड़ - बॉइल [ Boil ] 

 boil


नाम पर्याय - 

फोड़ा । फरंकल । Furuncle रोमकूप शोथ । 


परिचय

त्वचा एवं रोमकूप के चारों ओर अधस्वक ऊतकों का तीव्र स्टेफाइलोकाकल प्रदाह । यह मृत ऊतक की केन्द्रीय अन्तर्माग सहित एक पीड़ाजनक सूजन उत्पन्न करता है जो कि अन्ततः निस्रावित हो जाता है ।

Inflamination of the hair Follicle . 

•• बाल की जड़ में इन्फेक्शन होने को बालतोड तथा अन्य स्थानीय भाषाओं में दूसरे नाम से जाना जाता है । बालतोड़ ऐसे त्वचा रोग को कहते हैं जिसमें बाल की जड़ ( मूल ) में इन्फेक्शन होने से वह स्थान सूज जाता है तथा लाल रंग का हो जाता है ।


रोग का कारण -



• कीटाणुजन्य रोग । । 

• मच्छरों एवं मक्खियों के काटने से । । 

अन्य कारण → 
• गर्म एवं उत्तेजक पदार्थों का अधिक सेवन । । 

• स्नान न करना एवं सफाई की कमी । । 

• स्टेफिलोकोकस जीवाणु अथवा अन्य जीवाणुओं के प्रकोप से ।


रोग का लक्षण -



• प्रभावित स्थान पर सूजन । 

• स्थान लाल रंग का । । → 

• हाथ से छूने में अधिक दर्द । । । 

• कुछ दिन बाद पककर पीप ( Pus ) बाहर निकलने लगता है । । 

• यदि उचित समय पर उपयुक्त चिकित्सा न की जाये तो यह इन्फेक्शन आस - पास के हेयर फोलिकल्स में भी फैल जाता है । या बार - बार बता - उभरता रहता है । यह शरीर के किसी भी स्थान पर निकल सकता है , जहाँ बाल हैं , भले ही वह सुक्ष्म है ।


•• बालतोड़ की औषधि चिकित्सा - व्यवस्था ••

• शक्तिशाली एण्टीबायोटिक का प्रयोग । यथा - टे टासाइक्लीन 250 मि . ग्रा . इरिथ्रोमाइसीन 25 मि . ग्रा . 1 - 1 टिकिया प्रतिदिन 4 बार 1 - 2 सप्ताह तक दें । । 

• इन्जेक्शन स्ट्रेप्टो - पेनिसिलन ( D . C ) 1 / 2 ग्राम का 1 इन्जेक्शन रोजाना । सप्ताह तक लगावें । । 

• यदि पीप बाहर आ रहा हो तो भलीभाँति पोटाश के गर्म पानी । अथवा वेटाडोन से साफका एण्टीसेप्टिक ड्रेसिंग ( पट्टी ) यथा - फ्यूरासीन / वेटाडीन आदि से करें । । 

• पौष्टिक भोजन की व्यवस्था । । 

• विटामिन - बी तथा विटामिन - सी के योग खाने को । । । 

• इन्जेक्शन सम्भव न होने पर - सेप्ट्रान - 2 - 2 टि . दिन में 2 बार 1 - 2 सप्ताह तक दें । 

नोट - रोगी को ' नीको या डिटोल साबुन से नहाने का निर्देश दें ।


•• बालतोड़ में सेवन कराने योग्य अपडेट एलो . पेटेन्ट टेबलेट / कैप्सूल ••

1 . वारसिलिन कैप्सूल ( Warcillin Caps ) ( वार्नर ) 250 मि . ग्रा . कै .  -  1 कै . प्रति 8 घण्टे पर । अधिक तीव्र अवस्था में 500 मि . ग्रा . का 1 कै . प्रति 8 घण्टे पर जल से लें ।

2 . सिपलौक्स टैबलेट ( Ciplox Tabs ) ‘ सिपला 250 , 500 मि . ग्रा .  -  1 - 1 टि . दिन में 2 बार अथवा रोगी की अवस्थानुसार दें ।

3 . क्लोक्सी कैप्स कैप्सूल ( Cloxy Caps Capsules - वाल्टरबुशनैल ) 250 मि . ग्रा .  -  1 - 2 कै . दिन में 3 बार । बच्चों को साथ के विवरणपत्र के अनुसार ।

4 . क्लैम्प - किड टै . ( Clamp - kid Tabs ) ‘ फाईजर  -   1 - 2 टिकिया दिन में 3 - 4 बार दें । 

5 . फेनोसिल फोर्ट टैब . ( Fenocin Forte Tabs ) फाईजर  -  1 - 2 टि . दिन में 3 - 4 बार ।

6 . सिपरोलेट टै . ( Ciprolet Tabs ) स्टेन्जन 250 मि . ग्रा . / 500 मि . ग्रा . - 1 - 1 टिकिया दिन में 2 बार सेवन करावें ।


    
•• बालतोड में लगाने योग्य अपडेट एलो . पेटेन्ट इन्जेक्शन •• 

• कानसल्फ इन्जेक्शन ( Kansulf Inj . ) बायोकेम  -  1 ग्राम की सुई चूतड़ के गहरे माँस में लगावें ।

• मीकासिन इन्जे . ( Mikacin Inj . ) एरिस्टों -  15 मि . ग्रा . प्रति किलो शरीर भार से 2 - 3 मात्रओं में बांटकर माँस या नस में लगावें । ।


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