Sunday, April 14, 2019

कैंसर सहित कई रोगों का इलाज इस नई तकनीक से - Treating many diseases including cancer from this new technology -

साइटोरॉन इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स द्वारा दी जा रही थैरेपी क्लीनिकली प्रमाणित है । यह एक ऐसी शल्य रहित प्रक्रिया है जिससे न केवल कैंसर को बढ़ने से रोका जा सकता है । बल्कि कई अन्य रोगों को भी ठीक किया जा सकता है । आइए समझते हैं कैसे -

कैंसर सहित कई रोगों का इलाज इस नई तकनीक से - Treating many diseases including cancer from this new technology -
cytoron electromagnetic waves


कैंसर सहित कई रोगों का इलाज इस नई तकनीक से -

हमारा शरीर बहुत हल्के स्तर के इलेक्ट्रिकल करंट्स को इस्तेमाल करता है । उदाहरण के तौर पर हमारा हार्ट धड़कने के लिए इलेक्ट्रिकल करंट्स का इस्तेमाल करता है । हमारे शरीर की छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी मांसपेशियां जब भी किसी काम को करने के लिए सिकुड़ती और फैलती हैं तो वहां इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्सेस पैदा होती हैं । ईसीजी मशीन और इलेक्ट्रोएसोफेलोग्राफ भी इसी सिद्धांत पर काम करते हैं । हमारे शरीर के प्रत्येक मॉलिक्यूल में मैग्नेटिक एनर्जी मौजूद रहती है ।

साइटोरॉन एक प्रकार का यंत्र होता है जो कि आरएफक्यूएमआर किरणों का निर्माण करता है । आरएफक्यूएमआर किरणों में कम ऊर्जा , नॉन - थर्मल , रेडियो या सब – रेडियो तीव्रता वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें होती हैं जो कि मानव ऊतकों ( सेलों ) के अंदर और बाहर मौजूद प्रोटोन स्पिन को वोल्टेज पैदा करने की क्षमता का निर्माण करने के लिए परिवर्तित करती है । आरएफक्यूएमआर किरणें कैंसर के सेलों को समाप्त नहीं करतीं , बल्कि अनियंत्रित होकर फैलने से रोकती हैं और सेलों को नैसर्गिक अवस्था में लाती हैं । इस प्रक्रिया के दौरान कैंसरग्रस्त सेल विकारग्रस्त होते जाते हैं क्योंकि नियमित समय के अनुसार इनकी क्षति होना स्वाभाविक होता है ।


Q . क्या साइटोरॉन सुरक्षित और आरामदायक है ? 

A . इस चिकित्सा के दौरान मरीज को किसी प्रकार का दर्द या असहजता महसूस नहीं होती । साइटोरॉन को डीआरडीओ के द्वारा सुरक्षित , कम ऊर्जा वाला और नॉन - थर्मल प्रमाणित किया जा चुका है । ये अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तय किए गए मानकों को पूरा करता है । 

Q . किन प्रकार के कैंसरों को इससे ठीक किया जा सकता है ? 

A . साइटोरॉन से लगभग सभी प्रकार के कैंसर जैसे : - दिमाग , स्तन , सर्विक्स , ब्लैडर , कोलोन या रेक्टम , लिवर , फेफड़ा , सिर , गला , मुंह , नाक , ओवेरियन , पैनक्रियाटिक , गुर्दा , पेट , गर्भाशय कैंसर आदि को ठीक किया जा सकता है ।

Q . साइटोरॉन उपचार से पहले कौन से टैस्ट आदि कराने जरूरी हैं ? 

A . कैंसरग्रस्त भाग का एमआरआई , रक्त मूत्र जांच । आदि सामान्य टेस्ट कराने पड़ते हैं । 

Q . क्या साइटोरॉन अधिक उम्र में भी कराया जा सकता है ? 

A . जी हां , ये वृद्धावस्था में भी कराया जा सकता है । 

Q . कौन से मरीज साइटोरॉन के लिए अयोग्य हैं ? 

A . गर्भवती महिलाओं और एमआरआई के अयोग्य मरीजों का उपचार इस प्रक्रिया से नहीं किया जा सकता । 

Q . क्या मधुमेह , उच्च रक्तचाप , हार्ट डिसीज के मरीजों मैं साइटोरॉन से उपचार करना संभव है ? 

A . जी हां , इन सब समस्याओं और कई अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों का उपचार साइटोरॉन से किया जा सकता है ।

Q . मरीज कैसे जान सकता है कि वह पहले से बेहतर है ?

A . उपचार के बाद मरीज अच्छा , बेहतर महसूस करने लगता है । उसके जीवन की गुणवत्ता सुधर जाती है । उसे दर्द नहीं रहता , वह अधिक ऊर्जावान महसूस करने लगता है । उपचार के बाद एमआरआई टेस्ट के परिणाम
से भी इस मापा जा सकता है । एमआरआई में यह पता चलता है कि कैसरग्रस्त ट्यूमर की वृद्धि रुक गई है और बाद में कराई जा रही एमआरआई में ट्यूमर घटता हुआ दिखने लगता है । 

Q .साइटोरॉन थेरेपी के क्या हैं फायदे ? 

A . 

1 . यह एक बाहरी प्रक्रिया हैं । 

2 . बिना बेहोश किए , शल्यरहित , बिना रक्त चढ़ाए की जाती है । 

3 . इसमें कोई दर्द नहीं होता है । रोजाना मरीज को एक घंटे के लिए हॉस्पिटल में रुकना पड़ता है । 

4 . इसमें कोई संक्रमण , जटिलता या खतरा नहीं होता है । 

5 . सर्जरी के लिए अयोग्य मरीजों के लिए यह एक उपयुक्त उपचार है । 

6 . इसमें खर्च भी कम आता है ।


Q . क्या सर्जरी , कीमोथेरेपी , रेडियोथेरेपी बेहतर । विकल्प नहीं हैं ? 

A . कैंसर के लिए किसी भी उपचार को शत - प्रतिशत सफल नहीं कहा जा सकता इसलिए मरीज की अवस्थानुसार उपचार करना चाहिए । 

Q . अगर साइटोरॉन विफल हो गया या कैंसर दुबारा उत्पन्न हो गया तो उस स्थिति में क्या होगा ? 

A . अगर साइटोरॉन विफल हो गया तो इसे दुबारा किया जा सकता है या फिर सर्जरी , कीमोथैरेपी , रेडियोथेरेपी को आजमाया जा सकता है ।

Q . साइटोरॉन को भविष्य में और किस प्रकार से इस्तेमाल किया जा सकता है ? 

A . साइटोरॉन से कई उपचार करने की संभावना जताई जा रही है जैसे ऑस्टियोआर्थाइटिस , एंजियोजेनेसिस , ऑस्टियोपोरोसिस , पेन मैनेजमेंट , फाइब्रोमाएलजिया , माइग्रेन , मधुमेह , डायबिटिक न्यूरोपैथी , कभी न भरने वाले घाव , टाइनाइटस , ड्रग रेसिस्टेंस एपिलेप्सी , सेरेब्रल डीजनरेशन , मल्टीपल स्क्लेरोसिस आदि ।

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