" कमर का दर्द मिटेगा इस उपकरण से " "The pain of the waist will disappear from this device" "Computerized spinal table"

" कमर का दर्द मिटेगा इस उपकरण से " "The pain of the waist will disappear from this device" "Computerized spinal table"
"Computerized spinal table"


" कंप्यूटराईस स्पाइनल टेबल "

" कमर का दर्द मिटेगा इस उपकरण से "

आधुनिक जीवन की कई आवश्यकताओं में से एक घंटों खड़े रहना या बैठना , अब आम हो गया है । लगभग 80 प्रतिशत काम करने वाले लोग इसके कारण कमर दर्द से पीड़ित हैं । कमर दर्द से अब राहत मिल सकेगी इस अत्याधुनिक उपकरण से जिसे कंप्यूटराइज्ड स्पाइनल टेबल कहते हैं ।

कमर दर्द की एक खास वजह है कि लोग लगातार एक जैसा काम करते हैं । उससे कमर की कुछ मांसपेशियों का इस्तेमाल कुछ सीमा तक ही हो पाता है । बाकी मांसपेशियों का बिलकुल भी इस्तेमाल नहीं होता । इसका परिणाम यह होता है कि इस भाग में रक्त प्रवाह भी कम होता है जिससे समस्या और अधिक बढ़ जाती है । वास्तव में रीढ़ की हड्डी एक ऐसा जटिल अंग होता है जो शरीर के ऊपरी भाग छाती और बांह से लेकर निचले भाग पेल्विस और पैरों को एक साथ जोड़ता है । रीढ़ की हड्डी शरीर को मजबूत बनाती है और ताकत देती है । इस मोबिलिटी से शरीर का झुकना , मुड़ना आदि संभव हो पाता है , साथ ही खड़े होने , उठने और बैठने की ताकत भी मिलती है । कमर में दर्द होने से रोजमर्रा के कार्यों को करने में दिक्कत आ जाती है ।


शल्य रहित स्पाइनल डीकोम्प्रेसन क्या होता है ? 

यह कमर दर्द के मरीजों के लिए एक उपचार है । दस साल पहले , नासा ने स्पेस में जाते समय इंटरवर्टीबल डिस्क पर स्पाइनल डिप्रेशन के प्रभावों का अध्ययन किया । इसमें यह पाया गया कि एंटी ग्रेविटी अवस्था में भी अंतरिक्ष यात्रियों को आराम मिला । इसलिए अब इस उपकरण को धरती पर मरीजों के लिए सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जाने लगा है ।


यह कैसे किया जाता है ? 

स्टेट ऑफ आर्ट हाईवेयर , सॉफ्टवेयर , वैज्ञानिक नियम , एनाटोमिकल मॉडलिंग , डिजाइन इंजीनियर और फिजिशयन ने एक साथ मिलकर कंप्यूटराइज्ड स्पाइन टेबल का निर्माण किया । इस टेबल में एडजस्ट करने और स्वचालित मसाज , ट्रेक्शन और हीट देने की क्षमता है ।


कमर दर्द के क्या कारण होते हैं ? 


1 . अचानक या जोर से कोई काम करने से कमर के लिगामेंट चोटिल हो जाते हैं । 

2 . बढ़ती उम्र , ऑस्टियोपोरोसिस , मोटापे से कई बार जोड़ों में स्थित कार्टिलेज घिस जाती है और जोड़ों में दर्द होने लगता है । 

3 . डिस्क जन डिस्क में केक आदि होने से कमर दर्द हो सकता है ।


कमर दर्द के लिए कौन सा उपचार उपलब्ध है ?

1 . एक्टिविटी मोडिफिकेशन और दवाइयों से अधिकतर केसों में आराम मिलता है । रिहेबिलिटेशन से मांसपेशियों में मजबूती आती है और लचक बनी रहती है । 

2 . सर्जरी - जब हर प्रकार के विकल्प से कोई लाभ नहीं होता तो सर्जरी करानी पड़ सकती है । 

3 . शल्य रहित स्पाइनल डिप्रेशन , डीप हीट और मसाज किया जाता है । 


कंप्यूटराईस स्पाइनल टेबल से कौन - कौन सी समस्याये दूर की जा सकती है ?

इस कंप्यूटराइज्ड स्पाइनल टेबल से कमर , कंधे और गले का दर्द दूर किया जा सकता है । कई बीमारियां जैसे प्रोलैप्स ऑफ लंबर इंटरवटबल डिस्क , डिनैचुरलाइजेशनल ऑफ लंबर इंटरवटबल डिस्क , लंबर मसल स्पैज्म , बैक आर्टीबल डिस्क , लंबर वर्टीब्रा ट्रांसपोजीशन , लंबर वर्टीब्रा में फ्रेक्चर , स्माल आर्टीक्युलेशन ट्रांसपोजीशन ऑफ सर्वाइकल वर्टीब्रा , सर्वाइकल स्पोंडीलाइसिस , सर्वाइकल वर्टीबा , हाइपरोस्टियोगेनी , सर्वाइकल वर्टीबा हाइपरट्रोफी , सायटिका , पोस्टीरियर फसेट सिंड्रोम आदि समस्याएं ठीक की जा सकती हैं ।


इस उपचार को करने में कितना समय लगता है ? 

मरीज को लगभग 15 - 20 बैठकें लेनी पड़ती हैं और हर बैठक में लगभग 35 - 40 मिनट का समय लगता है । उपचार से पहले दो सप्ताहों में मरीज को लगभग रोज ही आना पड़ता है । फिर सप्ताह में तीन बार आने की आवश्यकता पड़ती है ।


उपचार की सफलता दर क्या है ? 

कमर और गर्दन दर्द में सर्वाइकल और लंबर टैक्शन को बेहद प्रभावशाली पाया गया है । इससे मरीजों को सक्रिय व्यायाम शुरू करने की आजादी मिल जाती है । इसके बाद अलग - अलग ट्रैक्शन यंत्रों को इस्तेमाल करके मरीजों को अधिक आराम दिया जाता है । क्लीनिकल रिसर्च से इसकी सफलता दर 86 प्रतिशत पाई गई है । जो मरीज उपचार प्रोटोकोल ठीक से नहीं अपनाते , उन पर यह उपचार विफल हो जाता है ।

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