समस्या का सामना कीजिए प्राकृतिक रुप से " Face the problem natural " "Pregnancy with endometriosis"

समस्या का सामना कीजिए प्राकृतिक रुप से  " Face the problem natural " "Pregnancy with endometriosis"
"Pregnancy with endometriosis"

" प्रेगनेंसी विथ एंडोमीट्रियोसिस "

" समस्या का सामना कीजिए प्राकृतिक रुप से "


एंडोमीट्रियोसिस नामक समस्या में गर्भाशय की अंदरूनी लाइनिंग या सतह जिसे अस्तर भी कहा जाता है वह गर्भाशय के बाहर भी विकसित होने लगती है । इसकी वजह से गर्भधारण मुश्किल हो जाता है । इस समस्या से नैसर्गिक रूप से भी छुटकारा पाया जा सकता है ।


पीरियड्स के दौरान गर्भाशय के अंदर का अस्तर ( इनर लाइनिंग ) बह जाता है और योनि से बाहर निकलता है , जिसे पीरियड्स कहा जाता है । एंडोमीट्रियोसिस की समस्या में , गर्भाशय के बाहर अस्तर या लाइनिंग बढ़ने लगता है और आसपास के अंगों पर फैलना शुरू कर देता है । इसलिए , यह पीरियड्स में रक्त के साथ बहने में विफल रहता है । निषेचन सफल होने के लिए अंडाशय द्वारा जारी किया गया अंडा फैलोपियन ट्यूब से गर्भाशय तक आसानी से पहुंचना चाहिए । इसके बाद निर्बाध रूप से निषेचित होना चाहिए और फिर खुद को गर्भाशय के अंदर प्रत्यारोपित करना चाहिए ।


क्या आईवीएफ ट्रीटमेंट एंडोमीट्रियोसिस दर्द को कम कर देगा ? 

एंडोमीट्रियोसिस से पीड़ित महिलाओं के बांझपन उपचार के विकल्प के रूप में उच्च सफलता दर को देखते हुए आईवीएफ एक लोकप्रिय विकल्प बना हुआ है । इन - विट्रो फर्टिलाइजेशन में एक महिला को कुछ समय के लिए शरीर में अंडे के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए दवा दी जाती है ताकि उन्हें सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सके ।


इस तरह कर सकते हैं समस्या से मुकाबला -




  • - प्राकृतिक रूप से एंडोमीट्रियोसिस के साथ गर्भवती होने के लिए कई सुझाव हैं । ईमानदारी से इनका पालन करने से प्राकृ तिक तरीके से बच्चे होने की संभावनाएं बढ़ती है । 
  • - प्रथम चरण में प्रजनन क्षमता में सुधार कर गभार्धान की संभावना बढ़ा सकते हैं । यदि थायरॉइड ग्रंथि कम सक्रिय हो तो आप आयोडीन की खुराक को बाहरी रूप से लेकर प्रजनन क्षमता बढ़ा सकते हैं ।
  • - मछली का तेल इस दर्द को कम करने में मदद करता है और साथ ही गर्भाशय के भीतर एक निषेचित अंडे के प्रत्यारोपण की संभावनाओं को बेहतर बनाता है । हर दिन लगभुग 3 ग्राम तेल लें ।
  • - गर्भावस्था के दौरान , एस्ट्रोजन का स्तर शरीर के भीतर काफी बढ़ जाता है । शुरूआत से ही शरीर में इस पर नियंत्रण की जरुरत है । इसे सिस्टम से बाहर निकालने के लिए आहार में उच्च फाइबर डाइट को शामिल करना चाहिए । रेशेदार फल लें ।
  • - शाकाहारी खाद्य पदार्थों में भी कुछ सब्जियों या स्वास्थ्यवर्धक फलों में यदि कीटनाशकों और उर्वरकों के अंश रह गए हों , तो वे शरीर में रसायनों और हानिकारक पदार्थों के उच्च स्तर को बढ़ा सकते हैं ।
  • - प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए एक्सरसाइज जरूरी है । व्यायाम करने से मांसपेशियों से लेकर हड्डियां मजबूत होंगी । अपशिष्ट को बाहर निकालने के साथ - साथ हृदय को भी एक कसरत मिलती है । एंडोमीट्रियोसिस में यह सब महत्वपूर्ण है ।
  • - कभी - कभी गर्भाशय के अस्तर की बाहर उपस्थिति शरीर को कुछ पदार्थों का उत्पादन करने के लिए ट्रिगर कर सकती है , जो शरीर के अन्य हिस्सों या यहां तक कि निषेचित होने वाले अंडों के लिए हानिकारक हो सकते हैं ।
  • - एंडोमीट्रियोसिस से पीड़ितों को सफल गर्भाधान के लिए एंडोक्राइन प्रणाली तंत्र मजबूत बनाना चाहिए । इसके लिए आहार में मांस और अन्य पशु उत्पादों को निकाल दें । इनमें कृत्रिम हार्मोन होते हैं जो मांसाहार के कारण हम तक आते हैं ।


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