शरीर पर होता है रेंगती चींटियों का एहसास ?Does the body feel the creeping ants?"Formation"

शरीर पर होता है  रेंगती चींटियों का एहसास ?Does the body feel the creeping ants?"Formation"
feel the creeping ants?


शरीर पर होता है  रेंगती चींटियों का एहसास ?

" फॉर्मिकेशन " 
ऐसा एहसास सामान्य स्तर पर भी कभी - कभार हो सकता है । लेकिन इसका लगातार या बार - बार होना इस बात का संकेत हो सकता है कि शरीर किसी समस्या से गुजर रहा है । यह समस्या शारीरिक भी हो सकती है और मानसिक भी ।

फार्मिकेशन के अंतर्गत व्यक्ति को शरीर की त्वचा पर या त्वचा के भीतर कुछ चलने या रेंगने का एहसास होता है । जैसे कोई कीड़ा चल रहा है , जबकि असल में शरीर पर कुछ भी नहीं होता । यानी यह एक तरह की मरीचिका या हेल्युसिनेशन होता है । इस समस्या का नाम लैटिन शब्द फॉर्मिका से लिया गया है । जिसका मतलब चींटी होता है । इसके कारण व्यक्ति को खुजली भी हो सकती है जो कि रात में और भी बढ़ जाती है । 

यह पैरेस्थिसियस नामक स्थिति का एक प्रकार है जिसके कारण जलन , गुदगुदी और सुन्नपन का भी एहसास हो सकता है । फॉर्मिकेशन की स्थिति कई बीमारियों की वजह से बन सकती है । इनमें शामिल हैं -


  • पार्किंसंस डिसीज 
  • शिंगल्स 
  • फाइब्रोमाएल्जिया 
  • एंग्जायटी 
  • प्री मेनोपॉज 
  • डायबिटिक न्यूरोपैथी 
  • स्किन कैंसर 
  • स्किजोफ्रेनिया , आदि 


यह संभव है कि प्री मेनोपॉज या मेनोपॉज के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर कम होने से फॉर्मिकेशन की स्थिति बन जाए । यह स्थिति कई बार तब भी बनती है जब कोई व्यक्ति ड्रग्स छोड़ने की प्रक्रिया में विड्रॉल की स्थिति से गुजर रहा होता है । कुछ अन्य दवाइयों का सेवन भी यह स्थिति ला सकता है । विड्रॉल की स्थिति में यह एहसास अस्थाई होता है और व्यक्ति के सामान्य स्थिति में आते ही इससे मुक्ति मिल जाती है ।
लेकिन इसके बाद भी अगर फॉर्मिकेशन का एहसास बना रहता है या गंभीर रूप ले लेता है तो यह स्थिति ड्रग सायकोसिस की हो सकती है । 
शराब छोड़ने की प्रक्रिया के दौरान भी फॉर्मिकेशन की स्थिति बन सकती है ।


" डॉक्टर को बताएं यह भी "



इस समस्या को पूरी तरह जानने के लिए डॉक्टर आपसे कई प्रश्न पूछ सकते हैं । जैसे - क्या इस एहसास के अलावा और भी कोई लक्षण महसूस हो रहे हैं , दिन के किस समय फॉर्मिकेशन का एहसास होता है , सेंसेशन के शुरू होते समय क्या होता है , क्या आप कोई दवाई ले रहे हैं , क्या आप शराब पीते हैं , आदि । इन प्रश्नों के उत्तर डॉक्टर को जरूर दें । इससे उन्हें आपकी स्थिति जानने में मदद मिलेगी । डॉक्टर स्कैबीज नामक एक संक्रमण को भी जांच के दायरे में रख सकते हैं । इस संक्रमण से तेज खुजली होती है और रैशेज हो जाते हैं ।


" काउंसिलिंग की भी जरूरत "

फॉर्मिकेशन का इलाज इसके पीछे छुपी बीमारी के आधार पर किया जाता है । यह भी देखा जाता है कि सच में व्यक्ति को खुजली या सेंसेशन हो रहा है या वह सिर्फ दिमागी तौर पर इसके बारे में सोच रहा है क्योंकि स्किजोफ्रेनिया या डिप्रेशन के दौरान भी ऐसा हो सकता है जिसे व्यक्ति फॉर्मिकेशन मान लेता है लेकिन असल में यह सायकोसिस की स्थिति हो सकती है । इस स्थिति में दवाइयों के अलावा मानसिक चिकित्सा या काउंसिलिंग की जरूरत भी पड़ सकती है । सामान्यत : ट्रीटमेंट के तौर पर कोई क्रीम , ऑइंटमेंट या मॉइश्राइजर लगाने या प्रभावित स्थान पर बर्फ सिकाई करने की सलाह भी डॉक्टर दे सकते हैं ।
कुछ बीमारियों जैसे पार्किंसंस , फाइब्रोमाएल्जियां या शिंगल्स में डॉक्टर दवाइयां भी दे सकते हैं और इलाज लंबा भी चल सकता है । यदि समस्या किसी दवाई की वजह से हो रही है तो डॉक्टर उसका विकल्प अपनाने की सलाह देते हैं । यह समस्या बुजुर्गों में काफी देखी जाती है । अगर खाली बैठे बैठे , रात को सोते समय आपको बार - बार यह समस्या होती है या लंबे समय से हो रही है । तो डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है ।

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