आप में पिता बनने की क्षमता है नहीं ? Do you have the ability to become a father? "Male childlessness"

आप में पिता बनने की क्षमता है नहीं ? Do you have the ability to become a father? "Male childlessness"
"Male childlessness"


" पुरूष संतानहीनता "

विवाह के बाद संतानोत्पत्ति एक अनिवार्यता बन जाती है । जो युगल शादी के कुछ सालों बाद भी संतान का सुख नहीं देख पाते हैं उनके मन में बहुत उथल - पुथल मचती है कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है ? चिकित्सा विज्ञान के अनुसार अधिकांश मामलों में पुरुष ही संतानहीनता के लिए जिम्मेदार माना जाता है । 

आप में पिता बनने की क्षमता है नहीं ?

ऊपरी तौर पर जो पुरुष पूर्ण रूप से स्वस्थ या चुस्त - दुरुस्त दिखाई देते हैं कोई जरूरी नहीं है कि वे पिता बनने में भी समक्ष हों । पुरुष संतानहीनता के कई कारण होते हैं । आइए इन्हें समझते हैं -


  • वीर्य में अक्षम शुक्राणुओं की संख्या अधिक 
  • शुक्राणुओं की गतिशीलता में कमी 
  • शुक्राणुओं का विकृत होने के साथ मृत होना 
  • वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या पर्याप्त न होना । 
  • संक्रमित वीर्य में एंटीबॉडीज मौजूद होना 
  • वीर्य का न बनना और यदि बन रहा हो तो बाहर न आना 
  • संतानोत्पत्ति के लिए उपयुक्त समय की जानकारी का अभाव होना ।



जिनके शुक्राणु ही नहीं निकलते -

कई पुरुषों में शुक्राणुओं का ही अभाव रहता है और उनके मन में भी यह प्रश्न उठ सकता है  कि क्या वे पिता बन सकते हैं ? तो , ऐसे पुरुष संतानोत्पत्ति की अत्याधुनिक तकनीकें अपनाकर पिता बन सकते हैं । वे खुद के शुक्राणुओं के जरिए टेस्ट ट्यूब बेबी , ईक्सी ( इंट्रासायटोप्लाजमिक स्पर्म इंजेक्शन टेक्नोलॉजी ) , मिक्सी , एवं पिक्सी जैसी तकनीक अपनाकर पिता बन सकते हैं ।


क्या होना चाहिए उपचार -


शुक्राणुओं की संख्या , गुणवत्ता , गतिशीलता की कमी एवं किसी तरह का संक्रमण होने पर विशेषज्ञों द्वारा इलाज के जरिए बहुत हद तक कमियों को दूर किया जा सकता है । ऐसे युगल की काउंसिलिंग भी उन्हें संतानोत्पत्ति के लिए प्रेरित कर सकती है । पौष्टिक आहार , योगाभ्यास , संयमित एवं नशा रहित जीवन जीने की शुरूआत करने के साथ - साथ हर पुरुष को अपनी पार्टनर की मासिक साइकल की भी जानकारी होना चाहिए । इससे पुरुष को गर्भधारण के लिए उपयुक्त समय का चयन करने की सुविधा मिल सकेगी ।


' क्या होना चाहिए इलाज की दिशा ' 

संतानहीनता ऐसी समस्या नहीं रही है जिसका कोई इलाजानते सके । इसके लिए धैर्य और सही दिशा में जांचें और इलाज कराने की जरूरत होती है । पुरुष प्रजननइंद्रिय का परीक्षण , सोनोग्राफी , कलर डॉप्लर , रक्त में हारमोन्स का स्तर तथा अंडकोष की बायोप्सी । जैसी जांचें महत्वपूर्ण मानी जाती हैं ।


क्या रखें सावधानियां -


  • 1 . तनाव से मुक्ति 
  • 2 . शराबखोरी और धूम्रपान से तौबा रना । 
  • 3 . मादक दवाओं का हमेशा के लिए त्याग करना 
  • 4 . अत्यधिक मोबाइल , लैपटॉप अथवा कम्प्यूटर प्रयोग बंद करना । 
  • 5 . दोस्तों से मिलने वाले अधकचरे ज्ञान से छुटकारा पाए और विशेषज्ञ की सलाह पर अमल करें



ऐसा होता है स्वस्थ शुक्राणु -


  • 1 . वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या 100 से 150 लाख प्रति मिली लीटर होती है । 
  • 2 . यदि शुक्राणुओं की संख्या 20 लाख हो तो भी चे पुरुष नैसर्गिक तौर पर पिता बन सकते हैं । 
  • 3 . यदि शुक्राणुओं की संख्या 1 लाख से कम हो तो वे आईवीएफ तकनीक अपना कर पिता बन सकते हैं ।
  • 4 . यदि शुक्राणुओं की संख्या कम है लेकिन वे स्वस्थ और उच्च गुणवत्ता युक्त हैं तो पुरुष कृत्रिम गर्भाधान की आईयूआई ' पद्धति से पिता बनने का सपना पूरा कर सकते हैं ।


Previous
Next Post »