" कुछ ऐसे बचें पेट की गड़बड़ियों से ? ""Avoid Some Stomach Disorders"?

" कुछ ऐसे बचें पेट की गड़बड़ियों से ? ""Avoid Some Stomach Disorders"?
Stomach Disorders"?


" कुछ ऐसे बचें पेट की गड़बड़ियों से ? "

पेट की गड़बड़ियों का असर अन्य तंत्रों पर ही नहीं अंगों पर भी पड़ता है , इसमें हमारा हृदय , मस्तिष्क , इम्यून सिस्टम , त्वचा , भार , शरीर में हार्मोनों का स्तर आदि सम्मिलित हैं । पेट खराब होने के कारण पोषक तत्वों का अवशोषण प्रभावित होता है और कैसर विकसित होने की । आशंका भी बढ़ जाती है ।

अच्छी सेहत के लिए अच्छे पाचन तंत्र का होना आवश्यक ही नहीं । अनिवार्य है । जो भोजन हमारा शरीर पचा नहीं पाता वह शरीर को फायदा पहुंचाने के बजाए नुकसान पहुंचाता है । जीवनशैली में कुछ परिवर्तन करके आप पाचन संस्थान की गड़बड़ियों से मुक्ति पा सकते हैं ।


कब्ज है बीमारियों की जड़ ?

कब्ज यानी बड़ी आंत से शरीर के बाहर मल निकालने में कठिनाई आना । यह समस्या गंभीर होकर बड़ी आंत को अवरूद्ध कर जीवन के लिए घातक हो सकती है । कब्ज एक लक्षण है जिसके कई कारण हो सकते हैं जैसे खानपान की गलत आदतें , हार्मोन संबंधी गड़बड़ियां , कुछ दवाईयों के साइड इफेक्ट आदि । इसलिए इसके प्रभावकारी उपचार के लिए जरूरी है कि सबसे पहले हम इसके कारणों का पता लगाएं । एक अनुमान के अनुसार महानगरों में आरामतलबी की जिंदगी बिताने के कारण करीब 30 प्रतिशत लोगों का पेट साफ नहीं रहता । अगर लगातार तीन महीने तक कब्ज की समस्या बनी रहे तो इसे इरीटेबल बॉउल सिंड्रोम ( आईबीएस ) कहते हैं ।


पेट की प्रमुख बीमारियां -

जब पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं करता तो खाने को उस रूप में परिवर्तित नहीं कर पाता जिस रूप में शरीर उसे ग्रहण कर सके । कमजोर पाचन तंत्र से शरीर का इम्यून सिस्टम गड़बड़ा जाता है , और शरीर में विषैले तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है , इसलिए ऐसे लोग बार - बार बीमार पड़ते हैं ।


अपच के कारण होती है गैस की समस्या ?

भोजन का ठीक प्रकार से पाचन न होना गैस बनने का प्रमुख कारण है । कई लोगों के पाचन मार्ग में गैस जमा हो जाती है , कुछ लोगों को दिन में कई बार ऐसा होता है । लंबे समय तक रहने वाली गैस की समस्या अल्सर में बदल सकती है । जिनकी पाचन शक्ति अक्सर खराब रहती है और जो प्राय : कज़ के शिकार रहते हैं , उनमें गैस की समस्या अधिक होती है ।


इतने परिवर्तन करें अपनी जीवनशैली में -



  1. तनात भी कब्ज - का एक प्रमुख कारण है । इसलिए तनाव से दूर रहने की हर संभव बनने का एक कारण कोशिश करें ।
  2. कब्ज पेट में गैस बन्ने का एक कारण है जितने लंबे समय तक भोजन बड़ी आंत में रहेगा खाने उतनी मात्रा में गैस बनेगी । 
  3. खाने को धीरे - धीरे चबाकर खाएं । दिन में तीन बार मेगा मील खाने चाय , की बजाए कुछ - कुछ घंटों अंतराल पर मिनी मील खाए , 
  4. चाय, काफ़ी और कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक  का इस्तेमाल कम करे , 
  5. सर्वांगासन , उत्तानपादासन , भुजंगासन जैसे योगासन करने से पाचन संबंधी विकार दूर होते हैं और पाचन तंत्र संतुलित मजबूत होता है । 
  6. संतुलित भोजन करें ।


इतने परिवर्तन करे अपने जीवन शैली में ? 


  • तनाव को दूर करने के लिए मेडिटेशन या ध्यान आदि का उपयोग करें । 
  • अधिक तला - भुना और मसालेदार भोजन न करें । 
  • शारीरिक रूप से सक्रिय रहें । नियमित रूप से एक्सरसाइज और योग करें । 
  • खाने के तुरंत बाद न सोएं । थोड़ी देर टहलें । इससे पाचन भी ठीक होगा । और पेट भी नहीं फूलेगा । 
  • अपनी बॉयोलाजिकल घड़ी को दुरस्ती रखने के लिए एक निश्चित समय पर खाना खाएं । 
  • मौसमी फल और सब्जियों का सेवन करें ।


गैस्ट्रो इसोफेगल रिफ्लक्स डिसीज ( जीईआरडी ) -

पेट की अंदरूनी पर्त भोजन को पचाने के लिए कई पाचक उत्पाद बनाती है , जिसमें से एक स्टमक एसिड है । कई लोगों में लोवर इसोफैगियल स्फिक्टर ( एलईएस ) ठीक से बंद नहीं होता और अक्सर खुला रह जाता है । जिससे पेट का एसिड बहकर वापस इसोफैगस में चला जाता है । इससे छाती में दर्द और तेज जलन होती है । इसे ही जीईआरडी या एसिड रिफ्लक्स कहते हैं ।

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