मूत्रमार्ग का दर्द [ Pain in Urethra ] समस्या के कारण , लक्षण एव परिचय ? और किस प्रकार उपचार कर सकते है ? Urethra pain [Pain in Urethra] Due to the problem, symptoms and introduction? And how can he treat?

मूत्रमार्ग का दर्द [ Pain in Urethra ] 

मूत्रमार्ग का दर्द [ Pain in Urethra ] समस्या के कारण , लक्षण  एव परिचय  ? और किस प्रकार उपचार कर सकते है ? Urethra pain [Pain in Urethra] Due to the problem, symptoms and introduction? And how can he treat?


कारण एवं परिचय - मूत्रप्रणाली में चोट लगने , कीटाणुओं के संक्रमण , साइकिल की लम्बे समय तक यात्रा , मूत्रकृच्छता , सुजाक एवं गर्म वस्तु के सेवन से मूत्रमार्ग में दर्द होने लगता है जो बहुत ही कष्टकारक होता है । 
लक्षण
• मूत्र मार्ग में टीस एवं दर्द । । 

• मुत्र का रंग गहरा पीला या रक्त की उपस्थिति के कारण लाल रंग का । ।


• औषधि चिकित्सा व्यवस्था ••

• नेफ्रोजेसिक ( Nephrogesic - ‘ इथनॉर ) 1 - 2 टि . भोजन के बाद जल से 3 बार दें । 

• ओरफैल्जिन ( Orphalgin ) ' विडल शायर - 1 कै . दिन में 3 - 4 बार आ . नु . । प्रोस्ट्रेट ग्रन्थि वृद्धि तथा ग्लोकोमा में प्रयोग न करें ।

• कम्पोज ( रैनवैक्सी ) 5 मि . ग्रा . की 1 - 2 टिकिया । 

• संक्रमण के लिये सेप्ट्रान / डोक्सीसाइक्लीन - एण्टीवायोटिक ।


अनुभूत चिकित्सा -

• पेण्टिड्स 1 टिकिया , सल्फाइडायाजीन , 1 टिकिया , क्रोसिन 1 टिकिया / ऐसी 1 मात्रा दिन में 2 बार जल से दें । 

• फेनोसिन ( फाईजर ) 1 टिकिया , वैराल्गन ( हैक्स्ट ) 1 टि . ऐसी । मात्रा दिन में 2 बार जल से दें । 

• स्पाज्मोप्रोक्सीवॉन ( वकहार्ड ) 1 कै . , ओरीप्रिम डी . एस . 1 / 2 टिकिया । ऐसी 1 मात्रा दिन में 2 या 3 बार । 

नोट - ० ‘ बुस्कोपान कम्पोजटिम ' ( जर्मन रेमेडीज ) 5 मि . ली . का इन्जेक्शन गहरे माँस में धीरे - धीरे लगाने से लाभ होता है ।

Previous
Next Post »