मूत्र में जलन के परिचय , कारण , लक्षण एव चिकित्सा व्यवस्था ? Introduction to urine irritation, causes, symptoms and medical system?

मूत्र में जलन 

मूत्र में जलन के परिचय , कारण , लक्षण एव चिकित्सा व्यवस्था ? Introduction to urine irritation, causes, symptoms and medical system?


परिचय - इस विकार में पेशाब करते समय जलन होती है । 

कारण - मूत्र मार्ग में संक्रमण के फलस्वरूप पीप का पैदा होना , चोट , सूजन एवं प्रदाह आदि कारणों से । । 

लक्षण - मूत्र में जलन । बार - बार मूत्र की इच्छा 1 पर मूत्र कम मात्रा में आना ।


•• चिकित्सा व्यवस्था ••

• अल्कासोल ( Alkasol - स्टैंडमेड ) या साइट्राल्का ( Citralka - पी . डी . ) 2 - 2 चम्मच बराबर जल मिलाकर दिन में 2 या 3 बार । । 

• मिल्क ऑफ मैगनेसिया ( फिलिप्स ) 2 - 2 चम्मच बराबर जल मिलाकर दिन में 2 - 3 बार । 

• सुप्रिस्टोल ( Supristol - जर्मन रेमेडीज ) 2 - 2 टिकिया प्रति 12 घण्टे पर। 

इन्जेक्शन स्ट्रेप्टोपेनिसिलीन 1 / 2 ग्राम का 1 वायल 2 एम . एल . डिस्टिल्ड वाटर में घोलकर नित्य माँस में लगावें । 

• ल्यूमीनाल ( Luminal - वायर ) आ . नु . 30 या 100 मि . ग्रा . की 1 टिकिया दिन में 1 या 2 बार दें ।


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