दस्त या डायरिया ( Diarrhoea ] ; पेचिस या डिसेण्ट्री [ Dysentery ] क्यों होता है ? क्या है इसके लक्षण , कारण एव उपचार ? Why diarrhea or diarrhea; why is diarrhea or dysentery? What is its symptoms, causes and treatment?

दस्त या डायरिया ( Diarrhoea ] ; पेचिस या डिसेण्ट्री [ Dysentery ] 

दस्त या डायरिया ( Diarrhoea ] ; पेचिस या डिसेण्ट्री [ Dysentery ]  क्यों होता है ? क्या है इसके लक्षण , कारण एव उपचार ? Why diarrhea or diarrhea; why is diarrhea or dysentery? What is its symptoms, causes and treatment?


नाम   इसे बालातिसार ( इन्फेन्टाइल डायरिया ) भी कहते हैं । 

परिचय   दस्त में पाखाना कई बार ( प्रतिदिन 4 बार से अधिक ) , बदबूदार , पतला , यदा - कदा हरे रंग का और ऑव के साथ होता है । मल में अपच दही के कतरे भी दिखायी देते हैं । पेचिश में , मल में ऑव और रक्त दोनों उपस्थित रहते हैं ।


रोग के कारण   

• वाइरस ( Virus ) , बैक्टीरिया ( Bacteria ) एवं प्राटोजोआ ( जियारडियासिस / अमीबियासिस ) । 

• ओटाइटिस मीडिया , मेस्टाइटिस , मेनिन्जाइटिस एवं दाँत निकलने के कारण । 

• भोजन सम्बन्धी कारण ।


रोग के लक्षण →

साधारण दस्त - इस स्थिति में हल्का ज्वर 

• कभी - कभी चिड़चिड़ाहट और अनिद्रा के लक्षण । 

• दस्त 2 से 10 बार तक शरीर का वजन लगभग 10 % कम ,

• पानी की कमी आदि । 

अधिक दस्त - तेज ज्वर ,

• भूख नहीं लगती ,

• मरोड़ ,

• मल में पित्त और ऑव तथा रक्त मिला होना,

• 2 - 30 बार तक पाखाना आदि लक्षण गम्भीर स्थिति को दर्शाते हैं ।



० शरीर में पानी की कमी और निर्जलीभवन के कारण त्वचा तथा ऑठ सूख जाते हैं । 
० नाड़ी क्षीण तथा हृदय की गति तेज । 
० फौन्टानेल और आँखें भीतर की ओर धंस जाती हैं । 
० पेशाब की मात्रा कम हो जाती है । 
० वजन 15 - 25 प्रतिशत कम हो जाती है ।


डाइटैटिक डायरिया में →

• अधिक चर्बी के कारण उत्पन्न अतिसार में मल पतला , दही के थक्कों की भाँति गंधयुक्त होता है ।

• कार्बोहाइड्रेट्स की अधिकता से मल पतला , हरे रंग का झागदार , खटासयुक्त होता है । 
इन्फेक्टिव डायरिया - दस्तों की शुरूआत पतले अतिसार की तरह हरे रंग से युक्त । साथ ही मल ही के थक्के एवं म्यूकस के साथ । दस्तों की संख्या 2 - 10 तक । इसके साथ थोड़ा ज्वर भी होता है । 

• गम्भीर रोग में तेजी के साथ निर्जलीकरण ( डिहाइड्रेशन ) होता है ।


पानी की कमी के लक्षण →

• प्यास व मुँह सूखना 

• भीतर पॅसे हुए फॉन्टानेल 

• धंसी हुई आँखें 

• नाड़ी तेज व कमजोर 

• पेशाब कम या नहीं होना 

• हाथ पैर ठंडे होना 

• त्वचा को नोंचकर छोड़ने पर 2 सेकेण्ड से अधिक के समय में सामान्य होना । 
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•• डायरिया की औषधि - व्यवस्था 

1 . मौखिक रूप से खनिज तथा पानी देना - सर्वप्रथम शरीर में उत्पन्न पानी और खनिज तत्वों की क्षतिपूर्ति करनी चाहिये । इसके लिये विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO ) ने नीचे बताया गया पाउडर मौखिक रूप ( Oraly ) से देना प्रस्तावित किया है,

पाउडर के विभिन्न अंश एव मात्रा 

→ सोडियम क्लोराइड ( खाने वाला नमक )  -  3 . 5 ग्राम 

→ सोडियम बाई कार्बोनट ( खाने वाला सोडा ) -  2 . 5 ग्राम 

→ पोटेशियम क्लोराइड  -  1 . 5 ग्राम 

 ग्लूकोज ( डेक्स्ट्रोज )   -  20 ग्राम 

→ साफ पानी  -  1 लीटर


• आमतौर से बच्चों को 300 मि . ली . घोल प्रति 4 घण्टे पर पिलावें । साधारण दस्त में 50 मि . ली . घोल प्रति किलो शरीर भार के अनुसार पिलावें । 

• गम्भीर रूप से शरीर में पानी की कमी होने से 100 मि . ली . घोल प्रति किलो वजन के हिसाब से पिलावें । । 
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2 . यथोचित दूध पिलाना - बालक को माँ का दूध , मलाई रहित दूध ( Skimmed milk ) या गाय का दूध आधा पानी मिलाकर पिलाना चाहिये । 

नोट -  

• दस्तों में दूध न पिलाना एक गलत परम्परा है । । 

• पानी की कमी से बालक की मृत्यु हो जाती है ।

• बालक की गम्भीर अवस्था में तत्काल पानी ( तरल ) और खनिज लवण I / V दिये जाते हैं ।

• बालक को दही , सेवफल एवं केला खिलाना विशेष लाभदायक होता है ।

3 . दवाइयाँ - दस्त के कारण की जानकारी पाखाने की जाँच और संवर्धन ( Culture ) के द्वारा ।तद्नुसार जीवाणुनाशक दवाइयाँ दी जाती हैं ।

ई .कोलाई के द्वारा संक्रमण होने पर — नियोमाइसीन उपयुक्त ।

बेसिलरी पेचिस में - सल्फाग्वानेडीन एवं दूसरी सल्फा ग्रुप की औषधियाँ ।

• अमीबिक पेचिस में - मेट्रोनिडाजाल एवं टिनिडाजोल असरदार हैं ।

• जियार्डिया होने पर - फ्यूराजोलिडीन ( Furaziolidine ) । । 


•• उपरोक्त दवाइयों के साथ पैक्टिन ( Pectin ) , केओलिन एवं मरोड़ दूर करने के लिये दर्द निवारक दवाइयाँ भी दी जाती हैं ।
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साधारण अतिसारों में - बैक्टोसैप्ट सस्पेन्शन ( Bactosept Suspension - रैनबक्शी ) 1 / 4 चाय चम्मच आयु के अनुसार 6 घण्टे बाद 5 - 7 दिन तक दें । । 

किसी भी प्रकार के अतिसारों में - क्लोरम्बीन सस्पेन्शन ( Chlorambin Susp . ) ' ए . एफ . डी . ' , बैक्ट्रिम डी . एस . सस्पेन्शन , बैस्कोट्रिम - पी के ( Bescotrim - P . K . ) ब्लू शील्ड कं . औषधियाँ लाभकारी हैं । 

यदि अतिसार के साथ बच्चे को ज्वर भी हो तो — इन्जेक्शन बिस्ट्रेपिन ( Ini . Bistrepen ) एलेम्बिक 1 / 2 ग्राम की चौथाई या आधी मात्रा प्रातः सायं दें । या इन्जे . जेण्टीसिन ( In . Genticvn - निकोलस ) 10 - 20 मि . ग्रा . तक चौथाई या आधा इन्जेक्शन प्रातः सायं 3 से 5 दिन तक दें ।

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• निर्जलीकरण की अवस्था में - चीनी 1 चम्मच , खाने वाला नमक 1 / 4 चम्मच , सोडा बाई कार्ब 1 / 4 चम्मच , पानी 200 मि . ली . में घोल लें । पानी को उबाल कर पहले से ही ठंडा कर लें । इस घोल को 1 - 1 घण्टे बाद दिन में 60 - 100 मि . ली . तक दें । अन्य द्रव नीबू , पानी तथा नमक के साथ , सन्तरे का रस , सेब का रस , लेक्लाइट पाउडर ( एल्बर्ट डेविड ) , एमलाइट ( Emlve - MM . Labs ) , इलेक्ट्राल ( Electral F . D . C ) आदि दें । सर्दियों में सेब तथा सन्तरे का रस निकालने से पहले कुछ देर तक गर्म पानी में डुबा लेना चाहिये । अस्पतालों में ORR का पैकिट उपलब्ध होता है ।
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बच्चे के लिये द्रव की मात्रा इस प्रकार से -

•• द्रव की मात्रा 200 मि . ली . प्रति किलो शरीर भार के अनुसार एक दिन के लिये होना चाहिये । यह ग्लूकोज तथा सैलाइन के रूप में होनी चाहिये । ग्लूकोज विद सैलाइन ( 5 % ) का 1 भाग तथा ग्लूकोज ( अकेला 5 % ) के 2 भाग मिलाकर दिये जायें । यदि वमन न हो तो कुल द्रव का आधा भाग मुख द्वारा भी दे सकते हैं ।
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नोट
• बच्चे को पेट ( Abdomen ) की त्वचा में ( Subcut . ) द्रव दिया जाता है । इसके लिये एकएम्पुल हाइलेज ( Hyalase ) नि . रैलीज को बोतल में डाल लें । 

सावधान - ० ड्रिप सैट में महीन नीडिल का उपयोग करें । साथ की नहीं ।

० कार्य में पूर्ण स्वच्छता आवश्यक ।

------------------------------------------ डायरिया में आहार व्यवस्था •

अतिसार की चिकित्सा के लिये बच्चे के आहार पर विशेष ध्यान देना चाहिये । औषधि चिकित्सा उस समय दी जाय , जब आहार सम्बन्धी सावधानियों से लाभ न हो । 

आहार व्यवस्था इस प्रकार से → 

० अधिक ग्लूकोज का मुख द्वारा सेवन न करायें । 

० आहार में अधिक चीनी तथा वसा ( Fats ) का प्रयोग न करें । । 

० चावल , साबूदाना तथा अन्य कार्बोहाइड्रेटस की अधिकता भी अच्छी नहीं । 

० यदि बालक माँ का दूध पीता है तो दूध पिलाने से पूर्व पानी 1 - 2 चम्मच पिला दिया जाय । 

० अतिसार के समय - मुसम्मी का रस । संतरे का रस । नमक डालकर हल्की पत्ती की । चाय । नीबू का पानी नमक डालकर । जौ का पानी । चावल का पानी । केला । सेब का रस आदि बच्चे को दें ।

० बोतल से दूध पीने वाले बच्चों को लेक्टोडेक्स ( Lactodex ) पाउडर या ' लेक्टोजन ( Lactogen ) आदि उबले हुए ठंडे पानी में घोलकर दिया जाये । 

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• बच्चों के डायरिया में सेवन कराने योग्य अपडेट ऐलो . पेटेन्ट सीरप 

1 . बेक्टोमेट ( Bactomet ) ' बिन मेडिकेअर ' -  बालक 3 से 18 माह 1 / 2 चम्मच दिन में 2 - 4 बार नित्य दें । 18 मास से 3 साल 1 चम्मच दिन में 2 - 3 बार । 3 - 6 माह । चम्मच दिन में 3 - 4 बार नित्य दें । 

नोट - 
• 3 माह से नीचे के शिशुओं में प्रयोग न करें । 

• सभी को 5 - 7 दिन तक दें । , 

2 . क्लोरम्बिन ( Chlorambin ) ए . एफ . डी  -  1 चम्मच दिन में 4 बार । 2 साल तक के शिशुओं को 1 / 2 - 1 चम्मच दिन में 4 बार दें । । 

3 . डिपेण्डाल – एम ( Dipendal - M ) S . K . F . कं .  -  बालक 1 साल तक 1 / 2 चम्मच , 1 से 5 साल वालों को 2 चम्मच एवं 5 साल से ऊपर वालों को 4 चम्मच ( 29 m . l ) । सभी को दिन में 3 बार दें ।

• अमीबियासिस , बेसीलरी डिसेण्ट्री , जियार्डियासिस आदि में । 

4 . डायरलोप ( Diarlop ) ओरल सस्पेन्शन नि , जगसन पाल  -  0 . 48 मि . ग्रा . / किलो शरीर भार पर 6 विभाजित मात्राओं में ।

नोट - डायरलोप प्लस ( Diarlop Plus ) भी आता है ।

5 . डिस्फर - एम ( Dysfur - M ) सस्पेन्शन B . E . Co . -  शिशु 1 साल तक 1 / 2 चम्मच । बालक 1 - 4 साल 1 चम्मच । 5 साल से ऊपर वालों को 2 चम्मच प्रति 6 घण्टे पर । 

6 . ग्रामोजिल सस्पेन्शन ( Gramogyl Suspension ) ' स्टेनकेअर '  -  3 साल तक के बालक 1 / 2 चम्मच । - 6 साल 1 चम्मच , 17 से 12 साल 2 चम्मच । प्रत्येक को दिन में - 4 बार 7 - 10 दिन तक । 

7 . ग्रामोनेग ( Gramoneg ) सीरप  -  बालक 60 मि . ग्रा . / किलो शरीर भार पर विभाजित मात्रा में 7 दिन तक । 

8 . रैनवक्शीं काल्टिन विद निओमाइसिन ( Kaltin with Neomycin ) एब्बोट  -  शिशु 1 चम्मच । बालक 2 - 6 साल 3 चम्मच । बड़ी उम्र के बालकों को 6 चम्मच दिन में 4 - 6 बार दें । 

9 . लोपेस्टाल ( Lopestal ) सस्पेन्शन साराभाई  -  विवरण पत्र के अनुसार । सहायक औषधि के रूप में । 

10 . पेसलिन – ओ ( Pesulin - O ) सस्पेन्शन केडिला  -  इन्फेक्टिव डायरिया में बालक 1 चम्मच दिन में 2 - 3 बार । शिशु 5 - 10 बूंद नित्य । 

नोट - 60 मि . ली . 26 . 40 रुपये की आती है । 

11 . बालामाइसिन ( Walamycin ) सस्पे .‘ वलेसी -  शिशुओं के बैक्टीरियल डायरिया में 5 - 15 मि . ग्रा . । किलो शरीर भार पर 3 विभाजित मात्राओं में ।

नोट - 60 मि . ली . Rs . 26 . 10 का आता है ,

12 . विण्टोमाइलोन ( Wintomylon Susp . ) । बिन - मेडिकेअर  -  बालक 55 मि . ग्रा . / किलो शरीर भार पर नित्य विभाजित मात्रा में 5 - 7 दिन तक ।

सावधान - 3 माह से नीचे के शिशुओं में प्रयोग न करें । 

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• डायरिया नाशक उपयुक्त व्यवस्था पत्र 

Rx 

• पहले 12 घण्टे तक भोजन में कुछ न दें । परन्तु हल्का इलेक्ट्रोलाइट सोल्यूशन या ग्लूकोज सैलाइन मिक्सचर प्रति 3 घंटे पर । कुछ न हो तो दाल का पानी या चावल का पानी , हल्की चाय का पानी , नारियल का पानी दें । 

• 24 घण्टे बाद हल्के दूध का मिश्रण या मुट्ठा दें ।  

• सेप्ट्रान सस्पेन्शन 1 - 1 चम्मच दिन में 4 बार । 

• काल्टीन सीरप 1 - 1 चम्मच दिन में 3 बार । । 

• फ्यूराजोलिडीन 25 - 50 मि . ग्रा . दिन में 4 बार गम्भीर डिहाइड्रेशन में आई . वी . ड्रिप द्वारा ।

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