गाल का कैंसर [ Cancer of the Buccal Mucosa ] रोग के प्रमुख कारण क्या है ? Cancer of the Buccal Mucosa What is the major cause of the disease?

गाल का कैंसर [ Cancer of the Buccal Mucosa ] 

गाल का कैंसर [ Cancer of the Buccal Mucosa ] रोग के प्रमुख कारण क्या है ? Cancer of the Buccal Mucosa What is the major cause of the disease?


परिचय  गाल का कैंसर गाल की आन्तरिक श्लेष्मिक कला द्वारा मसूड़ों के किनारे से प्रारम्भ होता है । यह कैंसर विशेष रूप से जीर्ण विक्षोभ ( Chronic irritation ) के कारण उत्पन्न होता है ।

रोग के प्रमुख कारण  

- औत्पत्तिक कारण देशकाल के अनुसार भिन्न - भिन्न स्वरूप के । यथा-

 - कैंसर स्त्रियों की अपेक्षा पुरुषों में अधिक एवं 64 वर्ष से अधिक की अवस्था के व्यक्ति में इसके होने की सम्भावना अधिक । 

- अधिकतर तम्बाकू का सेवन ( रवैन ) । । 

- उन व्यक्तियों में अधिक जिनको सुखी सुपारी , कथा , चूना , पिपरमिट , लौंग इत्यादि मिलाकर खाने की आदत अधिक होती है ।

रोग के प्रमुख लक्षण → 

- कैंसर की उत्पत्ति धीरे - धीरे । 

- सबसे पहले रोगी को गाल के अंदर की तरफ वेदनारहित व्रण । कभी - कभी दाँत के मसूड़ों से भी उत्पन्न होते हैं । । 

- प्रायः व्रण के चारों तरफ सफेद परत तथा उसमें से कभी - कभी रक्तस्राव,

- रोग की उग्रावस्था में व्रण में शूल तथा ग्रीवा की लस ग्रन्थियाँ ( Cervical iyrupti gands ) शोथयुक्त । 

- भोजन चबाने में दर्द । ।

- आगे चलकर उक्त व्रण , मुख की सम्पूर्ण श्लैष्मिक कला को घेर लेता है एवं वहाँ के तन्तु शोधाय । ।

• कैंसर की अंदर की दिशा में बढ़ने से ' मेड्बुिल बोन तक आक्रान्त । ऐसी अवस्था में अस्थि के स्पर्शमात्र से शूल उग्रतम हो जाता है । 

• अंत में अधोहनु अस्थि ( Mandible Bone ) को वेधता हुआ वहाँ की त्वचा को भी प्रभावित कर देते हैं । जिससे कैंसर का व्रण बाहर से दिखायी देने लगता है । 

• इस अवस्था में सेकेण्डरी इन्फेक्शन की अत्यधिक सम्भावना रहती है । साथ ही चबाने की क्रिया बिल्कुल अवरुद्ध हो जाती है । 

• रोगी का सामान्य स्वास्थ्य गिर जाता है । 


निदान  

- रोगी के पूर्व इतिहास से । जिसमें तम्बाकू आदि के बारे में पूछा जाता है । 
- उपरोक्त लक्षण एवं परीक्षण से । ।  

- बायोस्पी से सही निदान । 


गाल के कैंसर की चिकित्सा 

- रोग की प्रारम्भिक अवस्था में शल्य चिकित्सा एवं विकिरण चिकित्सा द्वारा ।

- कैंसर के कारण मसूड़े तथा मृदु तालु तक के भाग आक्रान्त होने पर कोबाल्ट दूर विकिरण चिकित्सा ( Cobalt Teletherapy ) । 


याद रखिये 

• शल्य चिकित्सा में - प्रारम्भ में ही निदान हो जाने पर उस कैंसर के भाग को काटकर निकाल दिया जाता है । 

• अधः हुनु ( Mandibe ) के आक्रान्त होने पर उक्त अस्थि को काटकर निकालना ही श्रेयस्कर होता है । 

• जब मुख के कैंसर की श्लैष्मिक कला को व्यापक रूप से काटकर निकालना हो तब त्वचारोपण ( Skin grafting ) की आवश्यकता होती है ।

Previous
Next Post »