फेंफड़ों का न फूल पाना [ एटैलैक्टेसिस - Atclectasis ] किस प्रकार की समस्या है ? क्या - क्या है इसके प्रमुख लक्षण ? कैसे उपचार किया जा सकता है ? Not getting the flowers of the lungs [Alettlectasis] What kind of problem? What - is its main symptom? How can the treatment be done?

फेंफड़ों का न फूल पाना [ एटैलैक्टेसिस - Atclectasis ] 

फेंफड़ों का न फूल पाना [ एटैलैक्टेसिस - Atclectasis ] किस प्रकार की समस्या है ? क्या - क्या है इसके प्रमुख लक्षण ? कैसे उपचार किया जा सकता है ? Not getting the flowers of the lungs [Alettlectasis] What kind of problem? What - is its main symptom? How can the treatment be done?


परिचय
1 . जन्म के समय भ्रूण के फेफड़ों का पूर्ण अथवा आंशिक रूप से विस्तारित न होना । 

2 . किसी युवा व्यक्ति का पिचका हुआ अथवा वायु रहित फेफड़ा होना एटैलैक्टेसिस हलाता है ।


नैदानिक लक्षण - इस प्रकार से -

1 . तीव्र अवस्था

• श्वासकष्ट, 

• ज्वर,

• दिल का तेजी से धड़कना । । 

• रक्त में ऑक्सीजन की कमी । । 

• मुख पर नीलापन । 

• छाती में दर्द । । 

2 . जीर्ण अवस्था - कोई लक्षण नहीं । केवल एक्स - रे से ही निदान सम्भव । 

•• कुछ महत्वपूर्ण संकेत इस प्रकार से -

• छाती का एक तरफ धंस जाना एवं उसमें गतिहीनता । 

• मीडियास्टाइनम प्रभावित दिशा की ओर सरक जाता है । 

• प्रभावित प्रदेश के ऊपर ठोंकने से आवाज असामान्य । स्वस्थ दिशा की ओर ठोंकने से अधिक पूँज निकलती है । 

• प्रभावित प्रदेश पर साँस की आवाज कम या अनुपस्थित ।

 ट्रेकिया प्रभावित दिशा की ओर मुड़ जाती है ।


•• एटैलैक्टेसिस में चिकित्सा व्यवस्था -

• सॉस द्वारा ऑक्सीजन । । 

• दर्द के लिये ' पैथीडीन ' कम मात्रा में । 

रुकावट दूर करने के लिये -

• वाह्य पदार्थ ( फौरन बॉडी ) को ब्रोन्कोस्कोपी द्वारा युक्तिपूर्वक निकालना । 

• स्त्राव को ढीला कर कफ निकालने के लिये ‘ ब्रोम्हैक्सीन ' , ' ब्रोन्कोडायलेटर्स एवं पोश्चुरलड़ेनेज की व्यवस्था । 

• ट्रेकिया का आचूषण । 

• प्रभावित फेफड़े की रक्षा हेतु ‘ एण्टीवायोटिक्स यथा ‘ एम्पीसिलीन ' 250 - 500 मि . ग्रा . दिन में 4 बार । अथवा एमक्लोक्स 1 - 1 कै . ( 250 या 500 ) दिन में 3 बार दें । 

• ट्रेकियोटॉमी । 

• शल्यक्रिया के बाद हुई ऐटैलैक्टेसिस में अधिक से अधिक वायु संचार स्थापित करना तथा खाँसी को उत्तेजित करना चाहिये । 

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