वृधाअवस्था के रोग ? Aging Disease? ( पार्ट - 1 )

वृधाअवस्था के रोग ? Aging Disease? ( पार्ट - 1  )



- रोग के नाम -
• स्मरण शक्ति का घटना Lessening of Memory Power - 

- लक्षण
किसी बात का स्मरण न रहना सम्पूर्ण घटना या आंशिक घटना विस्मृत हो जाती है । 

- पेटेन्ट चिकित्सा -
एनाटेन्सॉल ( साराभाई ) 1 / 2 - 1 टि . नित्य । तीव्र रोग में इसका 1 / 2 - 1 एम . एल . का इन्जेक्शन मांस में हर 2 - 4 सप्ताह पर । अथवा नॉर्माब्रेन ( Normabrain - टोरेण्ट ) प्रारम्भ में 2 कै . दिन में 3 बार । बाद को 1 कै . दिन में 1 या 2 बार दें । अथवा इन्सेकेवोल ( Encephabol - मर्क ) 1 - 1 टिकिया दिन में 3 बार दें ।

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रोग के नाम -
• आँख में दर्द होना -

लक्षण - 
आँखों में काफी दर्द , बेचैनी एवं लाली ।

- पेटेन्ट चिकित्सा -
पायलोकार डेक्साआईड्राप ( ब्ल्यू शील्ड ) अथवा निओस्पोरिन आई ड्राप अथवा जेण्टिन आई डूप्स ( Gentyn eye drops - एसोसिएटिड ) की 1 - 2 बूंदें आँख में डालें । साथ नियोरोविओन की 1 - 1 टि . दिन में 2 बार सेवन करावें । फेराडाल या ' शाफिराल 1 - 2 चम्मच दिन में 2 बार दें ।

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- रोग के नाम -
• बुढ़ापे का मोतियाबिन्द -

लक्षण - 
 देखने की क्षमता न्यून अथवा नष्ट हो जाती है ,

पेटेन्ट चिकित्सा - 
शल्य चिकित्सा ही एक मात्र साधन है , नए रोगों में सिनेरेरिया मैरिटिमा सकक्म  ( होम्यो औ. ) आँख में 1 - 1 बूंद में 1 - 2 बार डालने से लाभ होता है ,

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रोग के नाम -
• ग्लोकोमा -

लक्षण - 
सिर एवं आँख के ऊपर के भाग में दर्द , आँखे भारी सी , रोशनी के चारों तरफ जाला सा दिखायी देना । 

पेटेन्ट चिकित्सा -
पिलोकार आई ड्रॉप्स ( F . D . C . ) 49 % की 1 - 2 बूंद दिन में 1 - 2 बार डालें । अथवा ग्लूकोमॉल ( टोरेण्ट ) की 1 बूंद दिन में 2 बार डालें । पहले 0 25 % वाला बाद को 5 % वाला घोल प्रयोग करें । साथ ही डायामोक्स की 1 - 2 टि . दिन में 2 बार दें । ।

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रोग के नाम -
• दूर दृष्टि एवं समीप की दृष्टि कमजोर होना -

लक्षण - 
किसी को दूर की वस्तु दिखायी देती है और निकट की नहीं तो किसी को बुढ़ापे में पास की दिखायी देती है और दूर की नहीं ।

पेटेन्ट चिकित्सा -
विटामिन ( शार्कोफेरॉल ) 1 - 2 चम्मच दिन में 2 बार । साथ ही नेत्र विशेषज्ञ से परीक्षा कराकर उचित पॉवर के लैंस के चश्में बनवा लिये जाते हैं ।

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रोग के नाम -
• असाध्य सिर दर्द Intolerable headacle -

लक्षण - 
वृद्धावस्था की पुरानी कब्ज एवं स्नायु दुर्बलता से माथे में तीव्र स्वरूप का दर्द होता है ।

पेटेन्ट चिकित्सा -
फोर्टविन ( रैनवैक्सी ) 1 - 2 मि . ली . की सुई माँस में लगावें । एवं इस्जीपायरीन की 1 टि . , सेरीडोन की 1 टि . एवं एक्वाजेसिक की 1 टि , मिलाकर दिन में 2 बार दें । अथवा डिन 1 टि . ट फोटजेसिक ( विनमेडीकेअर ) की 1 टि , मिलाकर दिन में 2 बार दें ।

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रोग के नाम -
• आधे सिर का दर्द ( अर्धकपारी ) -

लक्षण - 
सिर के आधे भाग में दर्द , किसी | किसी को सूर्योदय से प्रारम्भ होकर बढ़ता हुआ दोपहर अथवा शाम तक । 

पेटेन्ट चिकित्सा -
वेसोग्रेन की 1 टि . दिन में 2 बार दें । अथवा ' क्रोसिन ( डूफार ) 1 टि . , सीलिन 500 मि . ग्रा . की 1 टि . , माइक्रोपायरिन की 2 टिकिया । सबको मिलाकर गर्म जल या चाय से दिन में । 2 बार दें । भयंकर अधिक दर्द में प्रोमैलजिन 1 टि . , सोसेगॉन 1 टि . , ल्यूमीनाल 30 मि . ग्रा . की 1 टिकिया । मिलाकर आ . नु . दिन में एक या दो बार दें ।

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रोग के नाम -
• बहरापन या कम सुनाई देना -

लक्षण - 
कान से सुनाई देना पहले कम बाद को बिल्कुल नहीं , कानों में आवाज । 

पेटेन्ट चिकित्सा -
कान में ‘ हाइड्रोबन पर आक्साइड डालकर कान साफ कर लें , तत्पश्चात् वैक्सोल्व ( वेल ) 5 - 10 बूंद डालकर 10 - 30 मिनट तक रोककर कान साफ कर लें । तत्पश्चात् ' ओरीक्योर ( विज्को ) या वीटावायोटिक एल ( ब्लु शील्ड ) या ' परफोसीन ( वेल ) ड्राप्स – इनमें से किसी एक ड्राप की - 4 बूदें कान में नियमित रूप से डालें । ओटोफ्लॉर ( Otoflour ) वेल कंकी 1 टिकिया । दिन में 2 बार 6 माह से 2 वर्ष तक खिलावें । लाभ होने पर प्रयोग न करें ।

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रोग के नाम -
• वृद्धावस्था में दंतशूल एवं दाँतों में कीड़ा लगना -

लक्षण - 
दाँतों में कीड़ा लगकर दर्द एवं बेचैनी तथा छटपटाहट । 

पेटेन्ट चिकित्सा -
 गर्म पानी ( नमक युक्त ) से दिन में 1 - 2 बार कुल्ला करायें । ब्रुफेन 400 या 600 की 1 टि . रेस्टिक्लीन 500 मि . ग्रा की 1 टि . , माइक्रोपायरिन की 1 टि . / सबको मिलाकर दिन में . 1 या 2 बार दें । पेनटेक्स ( Paintex ) की 2 - 3बूंद फुरेरी से दाँत या डाढ़ में खाली जगह पर लगायें । अथवा कपूर और लौंग कातेल भरें । दाँत या दाढ़ को निकलवा दें ।

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रोग के नाम -
• सिर का कॉपना / हिलना -

लक्षण - 
मस्तिष्क तथा तंत्रिका संस्थान की दुर्बलता से वृद्धों का सिर काँपने लगता है । 

पेटेन्ट चिकित्सा -
नियोरोवियान या आप्टीन्यूरॉन की 1 एम्पुल की सुई एक दिन छोड़कर माँस में लगावें ।

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रोग के नाम -
• माथे में चक्कर ( Menieres diseasy ) -

लक्षण - 
टेढ़ा - मेढ़ा होकर गिर जाना , कान से कम सुनाई देना एवं बहरापन ।

पेटेन्ट चिकित्सा -
बर्टिन ( Vertin - डूफार ) की 1 - 2 टि . दिन में 2 - 3 बार खिलावें । अथवा ग्रेवाल ( वालेस ) की 1 - 2 टि . तत्काल खिलावें । आ . नु . 4 घण्टे बाद पुनः रोगी को खिलावें । अथवा स्टेमेटिल की 5 या 25 मि . ग्रा . की टिकिया दें ।

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रोग के नाम -
• पारकिन्सोनिज्म ( Parkinsonism ) -

लक्षण - 
सिर , हाथ , पैर कांपने लगते हैं कार्य करने में असमर्थ ।

- पेटेन्ट चिकित्सा -
लेवोपा ( Levopa ) वालेस 250 मि . ग्रा . 12 / 2 टि . से 1 ग्राम ( 2 टि . ) प्रतिदिन कई बराबर भागों में बाँटकर दें । फिर धीरे - धीरे बढ़ाते हुए 8 ग्राम तक भोजन के साथ । अथवा ' पेसीटेन 1 / 2 टि . 3 - 4 दिन के अंतर पर 2 मि . ग्रा . की मात्रा बढ़ाते हुए 6 - 10 मि . ग्रा . तक प्रतिदिन की मात्रा कभी बराबर भागों में


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