मुसीबतों से दूर रख सकते हैं यह प्राकृतिक ब्लड थिनर। { This natural blood thinner can keep you away from troubles. }


ब्लड थिनिंग के लिए दी जाने वाली दवाइयां अब आम हो चुकी हैं दिल से जुड़े कई खतरों को कम करने के लिए दवाइयों का उपयोग मुख्य रूप से जरूर किया जाता है पर इन दवाइयों की तरह है कुछ प्रभाव कई प्राकृतिक साधनों से भी बखूबी मिल सकते हैं आइए जानते हो समझते हैं इनको करीब से।

ब्लड क्लोट की मुश्किलें। >>>




समानता का ब्लड क्लोटिंग की प्रक्रिया सहज और आम प्रक्रिया है जिसका होना स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत ही जरूरी होता है लेकिन कई बार शरीर में इस प्रक्रिया का स्तर गबड़बड़ाने से बहुत ज्यादा ब्लड क्लोटिंग होना शुरू हो जाता है जो शरीर के लिहाज से खतरनाक और जानलेवा भी हो सकते हैं इसलिए इसे रोकना जरूरी हो जाता है ऐसे लोग जिन्हें जन्म से ही हॉट की कोई समस्या रही हो या अन्य किसी मेडिकल कंडीशन से गुजर रहे हो उन्हें खून का पतला करने वाली दवाइयों की जरूरत होती ही है ताकि हार्ट अटैक एवं स्ट्रोक जैसी स्थितियों की आशंका को कम से कम किया जा सके।

प्राकृतिक तरीके से भी कर सकते है ब्लड थीन । >>>




डॉक्टरों एवं चिकित्सकों द्वारा खून को पतला करने के लिए दी जाने वाली दवाइयां के अलावा भी प्रकृतिक में मौजूद कुछ ऐसे तत्व भी हैं जो कि खून को पतला करने का काम बखूबी करते हैं और यह तत्व जिन चीजों में मौजूद होते हैं वह हमारे आस पास ही मौजूद हैं इसके लिए आपको कहीं जाने की आवश्यकता नहीं है यह आप को बड़ी आसानी से आपकी रसोई से प्राप्त कर सकते हैं इनमें शामिल है।

हल्दी >>>




हल्दी का उपयोग कर आप रोजाना ही करते होंगे योग गुणों से भरपूर होता है, इन के गांठों में करक्यूमिन नामक तब तो होता है जिनमें एंटी इन्फ्लेमेटरी के साथ सिंह ब्लड को थिनिंग करने की भी गुण होते हैं। शोध बताते हैं कि रोजाना थोड़ी मात्रा में हल्दी के सेवन मात्र से खून में एंटी काग्यूलेंट ( ब्लड क्लोटिंग को धीमा करने वाला ) कि स्थिति को मेंटेन करने में मदद कर सकता है।

अदरक >>>




अदरक में मौजूद सेलिसीलेट नामक तत्व प्राकृतिक रूप से ब्लड थिनर का काम करता है, इसका सही फायदा पाने के लिए अक्सर लोग ताजी या फिर सुखी हुई अदरक का उपयोग खाना बनाने या फिर जूस के रूप में भी करते हैं।

दालचीनी >>>




इससे कई तरह से फायदेमंद माना गया है ,इसमें कुमरीन नामक एक शक्तिशाली और बहुत ही उपयोगी ब्लड थिनिंग एजेंट होता है ,इसकी अलग-अलग प्रजातियों में कुमरिन की मात्रा अलग अलग हो सकती है।

अंगूर के बीजों का रस >>>




ग्रेप्स सीड एक्सट्रैक्ट या फिर हम ग्रुप के बीजों का सत्व ह्रदय और खून से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं में राहत कारी हो सकता है, इसमें उपस्थित एंटीऑक्सीडेंट ब्लड वेसल्स को सुरक्षित रखते हैं और हाई ब्लड प्रेशर से भी बचाते हैं यह ब्लड थिनर का भी काम करते हैं, इसके इसी तेज असर के कारण कई बार ब्लड थिनिंग की दवाइयां लेने वाले ब्लड डिसऑर्डर से ग्रसित लोगों या ऑपरेशन करवाने वालों को इसका सेवन करने से मना किया जाता है।

विटामिन ई >>>


यह कई तरह से ब्लड क्लोटिंग को काम करने में मददगार होता है, इसका असर इस बात पर निर्भर करता है की कितनी मात्रा में इसे ली जा रही है, इसलिए अक्सर यही सलाह भी दी जाती है कि जो लोग ब्लड थिनिंग के लिए दवाइयां ले रहे हैं उन्हें इसकी अधिक मात्रा से बचना चाहिए। प्राकृतिक तौर पर इसे सनफ्लावर ऑयल, बादाम, साबुत अनाज, हिट जर्म ऑयल ,जैसे खाद्य पदार्थों से बहुत ही आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

लहसुन >>>




दिल के लिए इसके फायदे किसी से छुपी नहीं है आज, डॉक्टर तक इसे रोजाना कच्चा खाने की सलाह देते हैं, इसमें एंटीबायोटिक के साथ ही ब्लड क्लोट में कमी लाने के गुण भी होते हैं, हां किसी प्रकार की कोई सर्जरी की पहले इसके उपयोग बंद करने की भी सलाह दी जाती है।

ब्रोमलिन >>>




यह एक एंजाइम है इसे आम तौर पर अनानास पाइनएप्पल में से निकाला जाता है यह कार्डियोवैस्कुलर डिजीज और हाई ब्लड प्रेशर में राहत देने वाला असर कारक एंजाइम है खून में ब्लड क्लोट में कमी लाता है इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण भी होते हैं डॉक्टर की सलाह से इसके सप्लीमेंट्री लिए जा सकते हैं।

ध्यान रखने योग्य बातें >>>


प्राकृतिक संसाधनों में स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने वाली कई गुण होते हैं लेकिन इसके लिए कभी भी अपनी मर्जी से बिल्कुल ना करें, हमेशा पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से इसके बारे में जरूर चला ले, कई बार शारीरिक स्थिति इस प्रकार की होती है कि प्राकृतिक चीजें भी शरीर में नुकसान पहुंचा सकती हैं इसलिए ना तो अपने मन से उनकी मात्रा तय करें और ना ही डॉक्टर की दवाइयों की जगह उनका उपयोग करें।

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