मौत के मुंह में भी पहुंचा सकता है मधुमक्खियों का डंक ? Can the bees get stuck in the mouth of death?


वैसे आपने कभी ना कभी किसी को मधुमक्खी के डंक लगते हुए जरूर देखा होगा नॉर्मल केस में डंक लगने के स्थान पर सूजन होकर कुछ दिनों के बाद वह स्वत ही ठीक हो जाता है परंतु कुछ कुछ मधुमक्खियां ऐसी भी होती हैं जिनके एक डंक से ही गंभीर किस्म की एलर्जी की रिएक्शन पैदा हो सकती है। इस रिएक्शन से चंद पलों में ही मरीज की जान जा सकती है सही और तत्काल इलाज से ही इस समस्या से निपटा जा सकता है।


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आखिर क्यों होती है ऐसी गंभीर एलर्जिक रिएक्शन >>

bee attacks

कुछ लोग मधुमक्खी के जहर अथवा कुछ ऐसे पदार्थ जिसके प्रति वह संवेदनशील हो ऐसे लोगों को एलर्जी रिएक्शन का गंभीर खतरा हो सकता है इस एलर्जी की रिएक्शन को एनाफायलैक्सिस के नाम से भी जाना जाता है, इस बीमारी में शरीर का इम्यून सिस्टम ऐसे केमिकल को तेजी से शरीर में प्रवाहित करना शुरू कर देता है इसकी वजह से मरीज शॉक जैसी स्थिति में चला जाता है जिससे ब्लड प्रेशर बहुत नीचे चला जाता है तथा श्वास नली भी सिकुड़ जाती है, कई-कई बार तो सांस लेना भी दूभर हो जाता है मरीज को मितली आना शुरू हो जाता है और उसके साथ उल्टी भी होता है, 
कई लोगों को कुछ खास किस्म के खाद्य पदार्थ जैसे मूंगफली या किसी प्रकार की दवाइयों से भी एलर्जी रिएक्शन हो सकता है। इसके अलावा कीटों पतंगों के जहरीले टॉक्सिंस के कारण भी यह व्यक्ति में रिएक्शंस की प्रक्रिया को भड़का सकता है।

केवल इमरजेंसी रूम में ही होता है इलाज >>



इस तरह की परिस्थिति में एलर्जी रिएक्शन का इलाज हम मरीज को सीधे इमरजेंसी रूम में ले जाकर एलर्जी की एक्शन के एंटी डॉट के इंजेक्शन लगाकर ही सही तरीके से किया जा सकता है।

कैसे पहचान सकते हैं इसके लक्षणों को >>



एलर्जी के ट्रिगर के संपर्क में आते ही इस बीमारी के लक्षण आमतौर पर चंद मिनटों के दौरान ही साफ - साफ देखे जा सकते हैं इसके विपरीत कई ऐसे लोग भी हो सकते हैं जिनमें 30 मिनट तक भी लक्ष्मण साफ-साफ नहीं दिखाई देते हैं।

- त्वचा मे दाने उभरना, रैशेश, त्वचा का लाल या पीला भी हो जाना खुजली होना।

- सांस नली का सिकुड़ कर पतला होना जाना जिसकी वजह से सांस लेने में दिक्कत महसूस होना तथा जबान भी शूज जाना, कई कई बार तो गला में सूजन को साफ साफ देखा जा सकता है।

- ब्लड प्रेशर में गिरावट आ जाना।

- दिल की धड़कनों की गति भी बहुत ज्यादा कम हो जाना।

- चक्कर तथा बेहोशी जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाना।

- मितली उल्टी के साथ दस्त भी लग सकते हैं।

इन लक्षणों को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए हो सके तो तत्काल चिकित्सीय सहायता ले यदि किसी बच्चे को मधुमक्खी ने कांटा हो तो ऐसी स्थिति में लक्षणों को अपने आप खत्म होने तक का इंतजार बिल्कुल भी ना करें।

किस प्रकार के डंक से हो सकता है एलर्जी >>


- पीले रंग की ततैया का डंक,

- मधुमक्खी का डंक,

- बिच्छू के डंक,

- लाल चींटी के काटने पर भी,

कुछ लोगों में खाद्य पदार्थों से भी एलर्जी की स्थिति आ जाती है ऐसे कुछ पदार्थ जिनमें एलर्जी केमिकल्स सामान्यता से ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं जैसे-
- ट्री नट,
- मूंगफली,
- दूध,
- शैलफिश,

कौन से टेस्ट कराए जा सकते हैं >>



यदि यह मालूम ना हो कि किस प्रकार के जहर अथवा खाद्य पदार्थ के कारण शरीर में इस तरह की गंभीर एलर्जी रिएक्शन उत्पन्न हुआ है तो उसके मालूमात के लिए कुछ टेस्ट कराना जरूरी हो जाता है एलर्जी टेस्ट से मालूम हो जाता है कि किस एलर्जी रिएक्शन की वजह से एनाफायलैक्सिस नामक एलर्जी की रिएक्शन शुरू हुआ है।

किन किन लोगों को है इस रोग का जोखिम >>



- ऐसे लोग जिनके परिवार में पहले से ही इस तरह के एलर्जी का हिस्ट्री रहा हो।

- श्वेत रक्त कणों से संबंधित कोई बीमारी हो तो ऐसे लोगों को एलर्जी क्रिएशन होने की आशंका हमेशा से ज्यादा ही बनी होती है।

- एलर्जीक अस्थमा होने पर भी।

 क्यों होता है ऐसा >>



हमारे शरीर के भी अपने कुछ बुनियादी प्रणाली है जिसकी बुनियाद पर वह निरंतर काम करने में सक्षम होता है उसी प्रणाली में एक प्रणाली जिससे हम रोग प्रतिरोधक प्रणाली के नाम से जानते हैं। हमारी रोग प्रतिरोधक प्रणाली किसी भी बाहरी तत्व के शरीर में प्रवेश करने के बाद कई प्रकार की एंटीबॉडीज उत्पन्न करती है ताकि उस विषैले तत्व को शरीर से बाहर भेजा जा सके, 
रोग प्रतिरोधक प्रणाली केवल हानिकारक बैक्टीरिया एवं वायरस के शरीर में प्रवेश करने के बाद ही इस तरह के प्रक्रिया को शुरू कर दी है लेकिन कुछ लोगों में रोग प्रतिरोधक प्रणाली ऐसे पदार्थों के प्रति ओवर रिएक्ट कर जाती है जिससे एनाफायलैक्सिस नामक यह समस्या बहुत तीव्र एलर्जी की रिएक्शन के तौर पर सामने आ जाती है।

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