सौंफ में छिपे हैं सेहतमंद जिंदगी के लिए कई राज? आखिर यह हमारी सेहत के लिए किस प्रकार फायदेमंद है? Many secrets for healthy life are hidden in fennel? After all, how is it beneficial for our health?

 भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट? 
Quantity in antioxidant?
quantity in antioxidant?

यह अनेकों अनेक प्रकार के विटामिन एवं खनिज स्रोतों से परिपूर्ण है इसमें पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट एवं खाद्य रेशे मौजूद होते हैं यह एंटीऑक्सीडेंट हमारे शरीर में मौजूद हानिकारक फ्री रेडिकल्स को साफ करने का काम करते हैं यही नहीं यह कैंसर और संवेदनशील तंत्रिका तंत्र के बीमारियों को दूर रखने में भी मदद पहुंचाते हैं,
सौंफ में मौजूद फ्लेवनाइड एवं एंटीआक्सीडेंट कोलोन कैंसर जैसे खतरनाक बीमारी के जोखिम को भी कम कर देते हैं।
खाद्य रेशों के मामले में सौंफ सबसे अच्छा और सरलता से मिलने वाला स्रोत है इसके नियमित उपयोग से कब्ज जैसी समस्या भी दूर ही रहती है । 100 ग्राम सौंफ के दानों में कुल खाद्य रेशम की मात्रा 39.8 ग्राम के लगभग होती है, यह एलडीएल कोलेस्ट्रॉल यानी हानिकारक कोलेस्ट्रॉल के बढ़ते स्तर को भी घटाने के लिए बहुत ही फायदेमंद औषधि के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।

 मौजूद है कई प्रकार के खनिज तत्व? 
Are there many types of minerals?
are there many types of minerals?
आयरन - यह हमारे शरीर में उपस्थित लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है।

कॉपर - यह भी लाल रक्त कोशिकाओं की उत्पादकता को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होता है।

पोटेशियम - यह हार्ट रेट और रक्तचाप को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है।

कैल्शियम - इसमें पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम होता है जो कि हमारे हड्डियों के मजबूती एवं विकास के लिए जरूरी है।

जिंक - शारीरिक विकास, शुक्राणुओं के उत्पादन, पाचन क्रिया, तथा न्यूक्लिक एसिड के निर्माण को नियंत्रित करने वाले कई प्रकार के एंजाइमों का प्रमुख घटक है। इसके अलावा भी इसमें सेलेनियम, मैग्नेशियम, मैगनीज जैसे महत्वपूर्ण खनिज भी मिलते हैं।

सौंफ में खनिज तत्वों के अलावा भी विटामिंस पर्याप्त मात्रा में होते हैं जिसमें प्रमुख रुप से विटामिन ए, ई, सी के अलावा विटामिन बी के समूह के महत्वपूर्ण विटामिन (जैसे:- पायरीडाक्सीन, थायमिन, नियासिन तथा राइबोफ्लेविन विटामिन) का एक बहुत ही बढ़िया स्रोत है।

 पाचन तंत्र के लिए भी बहुत जरूरी? 
Very important for the digestive system?
very important for the digestive system?

पाचन क्रिया के लिए सौंफ रामबाण औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है। आयुर्वेद कथनानुसार सौंफ से जठराग्नि में बढ़ोतरी होती है इसलिए खाना को आसानी से पचाना आसान हो जाता है इसलिए आपने देखा होगा कि अधिकतर लोग खाने के बाद अक्सर सौंफ लेते हैं या लेने की सलाह देते हैं।

सौंफ अच्छी तरह से पानी में उबालें और ठंडा होने के उपरांत इसे अच्छी तरह से छानकर पियें यही नहीं यह प्रमुख से छोटे बालकों तथा शिशुओं को भी दे सकते हैं जो ज्यादातर पेट की समस्या से परेशान रहते हो। इसके उपयोग से एसिडिटी में काफी हद तक राहत मिलती है।

सौंफ की कुछ मात्रा को पानी में मिलाकर एवं चाय बनाकर गर्म गर्म पीने से दस्त की प्रॉब्लम से भी निजात मिलता है।

 माउथ फ्रेशनर के रूप में ? 
As a mouse freshener?
as a mouse freshener?

भोजन के उपरांत के सौंफ के उपयोग का एक और महत्वपूर्ण कारण यह भी है कि इसके प्रयोग से मुंह की दुर्गंध को खत्म कर इससे निजात मिलता है। यह आज ही नहीं बल्कि प्राचीन काल में भी इसे भोजन के बाद विशेष रूप से खाया जाया करता था।

तथा इसका प्रयोग अगर नियमित रूप से किया जाए तो तन से आने वाली दुर्गंध को भी कम किया जा सकता है।

 महिलाओं के लिए भी है फायदेमंद ? 
Is it also beneficial for women?
is it also beneficial for women?

सौंफ का उपयोग अगर महिलाएं नियमित एवं नियंत्रित रूप से करें जो उन्हें मासिक धर्म में होने वाले तकलीफों से राहत मिलता है तथा इसका उपयोग चाय के रूप में बनाकर पिएं इससे पेट के संबंधित विकारों से छुटकारा दिलाता है।

 आंखों की सेहत के लिए ? 
Eye health?
eye health?

सौंफ की कुछ मात्रा रोजाना चबाने से आंखों की रोशनी को बढ़ाता है तथा दृष्टि को भी साफ करता है और आंखें स्वस्थ बनी रहती हैं।

 किस-किस प्रकार उपयोग कर सकते है ? 
What type can you use?
what type can you use?

- वैसे तो सौंफ के बहुत सारे कई फायदे हैं लेकिन कई लोग इसके फायदों को जानकर भी इसका लाभ नहीं उठा पाते। थोड़ी मात्रा में खाना हो तो आप इसे कच्चा ही खा सकते हैं लेकिन हर किसी को इसे चबाकर या कच्चा खाना रास नहीं आता तो ऐसे में ऐसे व्यक्ति नीचे दिए गए इन तरीकों को भी आजमा सकते हैं।

- लगभग दो गिलास पानी में 1 बड़े चम्मच भरकर सौंफ डालकर इसे अच्छी तरह से उबाल ले और कुछ देर के लिए ठंडा होने के लिए रखने के बाद इसे पियें, अगर आपको अपने परिवार के सभी सदस्यों के लिए तैयार करना है तो इसकी मात्रा को ध्यान में रखते हुए आप पानी तैयार कर सकते हैं और सबसे जरुरी बात कि इस पानी का उपयोग 24 घंटे के अंदर ही कर ले उसके बाद ना ही करें तो अच्छा है।

- सौंफ को अच्छी तरह से साफ करके इसे बारीक पीस लें और इससे किसी कांच के बर्तन में भर कर रखें इसका उपयोग दाल व् सब्जी बनाते वक्त अन्य मसालों के साथ इसे भी थोड़ी मात्रा में डालकर उपयोग में ला सकते हैं।

- सौंफ का प्राकृतिक नेचर ठंडा होता है इसलिए इसके उपयोग से शरीर की गर्मी में कमी आती है और शरीर को ठंडक देता है इसके लिए एक छोटा चम्मच सौंफ का पाउडर एवं इसके साथ जीरा एवं धनिया पाउडर के साथ अच्छी तरह से पानी में मिलाकर पियें, आप चाहे तो इस मसालेदार पानी को उबालकर भी उपयोग में ला सकते हैं और इसमें थोड़ी सी मात्रा में शक्कर भी मिला सकते हैं इस मिश्रण के नियमित प्रयोग के कई फायदे हैं इसके प्रयोग से में खून की कमी को दूर किया जा सकता है।

- आप चाहे तो सौंफ को तवे में हल्का भूंजकर एक छोटी डिब्बी में भरकर अपने साथ अपने बैग में कैरी कर सकते हैं अक्सर गर्मियों में किसी सफर के दौरान जी मिचलाना, चक्कर लगना जैसे लक्षणों में इस सौंफ का उपयोग कर सकते हैं यह इन लक्षणों से जल्दी आराम दिलाता है।

- और इसे नींबू पानी के मिश्रण में भी सौंफ का पाउडर मिलाकर प्रयोग में लिया जा सकता है।

Previous
Next Post »