इस नई तकनीक की मदद से एक समय पर केवल एक ही स्वस्थ बच्चा जन्म लेगा? कैसे चलिए जानते हैं? With the help of this new technique, only one healthy baby will be born at a time? How do you know?

आज के विज्ञान में संभावनाओं की कमी नहीं है ऐसा ही एक क्रांतिकारी तकनीक आई वी एफ जिस तकनीक की मदद से प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली कॉमन समस्या की "एक से अधिक बच्चे तो नहीं होंगे" "जुड़वा बच्चे न हो जाये" लेकिन इस ब्लास्टोसिस्ट ट्रांसफर तकनीक की मदद से सबसे स्वस्थ भ्रूण को ही आगे की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए ट्रांसफर किया जाता है जिसे केवल एक टाइम में एक ही स्वस्थ बच्चे का जन्म होता है।

 इस तकनीक की क्या है खास विशेषताएं?
What is the special features of this technique?
what is the special features of this technique?

इस तकनीक में ब्लास्टोसिस्ट ट्रांसफर की सहायता से सबसे स्वस्थ भ्रूण को है आगे की प्रक्रिया के लिए ट्रांसफर किया जाता है इसके साथ गर्भधारण अवस्था की अधिकतम संभावनाओं को सुरक्षित रखा जाता है इस तकनीक की मदद से एक साथ 3 या उससे अधिक बच्चों की होने की संभावना को बिल्कुल शून्य कर देता है, इस तकनीक की सबसे खास बात यह है कि चिकित्सकों द्वारा यह स्वयं निर्धारित करने की स्वतंत्रता होती है कि वह सबसे सर्वाधिक स्वस्थ भ्रूण को ही प्रजनन की क्रिया को करने के लिए स्थांतरित करें जिस से होने वाले बच्चे भी स्वस्थ से स्वस्थ होता है।

 जो सबसे स्वस्थ एवं फिट होगा वही जिंदा रहेगा?
The one who is most healthy and fit will be alive?
the one who is most healthy and fit will be alive?

यह तकनीक ('सर्वाइकल ऑफ द फिटेस्ट' यानी जो सबसे स्वस्थ और शक्तिशाली है वही जीवित और रहेगा) इस कांसेप्ट पर आधारित है और इस तरह इस प्रक्रिया में जो सबसे सर्वाधिक स्वस्थ वाले गुण वाले भ्रूण होगा वही इस क्रिया में जिंदा रहता है तथा इस प्रक्रिया में जीवित बचे उस भ्रूण को माता के शरीर में प्रत्यारोपित कर दिया जाता है और बच्चा बिल्कुल स्वस्थ दुरुस्त जन्म लेता है।

 सही देखभाल एवं सावधानियां?

- इस प्रक्रिया के बाद ज्यादा शारीरिक श्रम करने की मनाही होती है।

- अगर आप वर्कआउट एक्सरसाइज करना ही चाहते हैं तो हल्के-फुल्के एक्सरसाइज ही सही रहेगा ऐसी स्थिति में भारी वजन उठाने का बिल्कुल ही प्रयास ना करें।


- धूम्रपान करते हो तो इस प्रक्रिया के दौरान तत्काल इसे त्याग दें।


- चाय, कॉफी आदि का सेवन भी इस स्थिति में बिल्कुल ना करें।


- शारीरिक यौन प्रक्रिया भी ना करें।


- एरोबिक्स जैसे एक्सरसाइज से भी दूरी बनाए रखने में ही समझदारी होगी।


- तेज धूप में निकलने से बचें त्वचा स्विमिंग इत्यादि को भी बंद ही रखें।


- नशीली पदार्थों जैसे:- शराब, सिगरेट इत्यादि का सेवन बिल्कुल ना करें।


 आई वी एफ प्रक्रिया से पहले?
Before the IVF process?
before the ivf process?

- अंडाशय पर दवाओं का क्या प्रभाव पड़ सकता है इसकी संभावनाओं को जांचने के लिए अल्ट्रासाउंड टेस्ट किया जाता है।

- भ्रूण को सही तरह से ट्रांसफर करने के लिए चिकित्सक नकली भ्रूण को गर्भाशय में डाल सकते हैं जिससे कि चिकित्सकों को गर्भ की स्थिति तथा गहराई का सही रुप से पता चल सके तथा भ्रूण को गर्भाशय में सही स्थिति में रखने के लिए सही तकनीक का भी पता चल सके तथा इस प्रक्रिया से चिकित्सक यह पहले ही सुनिश्चित कर सकते हैं कि आईवीएफ में किस-किस प्रकार के कॉन्प्लिकेशन आ सकती हैं जिससे की प्रक्रिया में सटीकता और भी बढ़ जाती है।


 गर्भाशय की जांच?
Testing of the uterus?
testing of the uterus?

आईवीएफ करने से पहले चिकित्सक गर्भाशय की अच्छी तरह से जांच करते हैं जिससे उसकी स्थिति का सही आंकड़ा प्राप्त हो सके हैं इस प्रक्रिया में सोनोहिस्टोग्राफी सर्विकस की सहायता से गर्भ में तरल मिश्रण को प्रवेश कराया जाता है और गर्भाशय की गुहा को अल्ट्रासाउंड की सहायता से एनालाइज किया जाता है तथा ऐसी स्थिति में इसमें हिस्टेरोस्कोपी भी की जा सकती है,
हिस्टेरोस्कोपी की सहायता से योनि और सर्विक्स के माध्यम से पतली लचीली लाइट युक्त दूरबीन को प्रवेश कराया जाता है जिससे अंदर की गतिविधियों को बाहर मॉनिटर स्क्रीन पर साफ तौर पर देखा जा सके।
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